नीट की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, सेक्टर-32, चंडीगढ़ में एमबीबीएस की वार्षिक प्रवेश क्षमता 150 से बढ़ाकर 200 सीटें करने की मंजूरी दे दी है।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होने वाले इस फैसले से हर साल 50 अतिरिक्त विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर बनने का अवसर मिलेगा।
कॉलेज प्रशासन के अनुसार, यह स्वीकृति संस्थान द्वारा वर्षों से बनाए गए उच्च शैक्षणिक स्तर, पर्याप्त फैकल्टी, अस्पताल की अधोसंरचना और एनएमसी के गुणवत्ता मानकों के अनुरूप की गई तैयारियों का परिणाम है। अतिरिक्त 50 सीटों से मेडिकल की पढ़ाई का सपना देखने वाले अधिक विद्यार्थियों को अवसर मिलेगा और उत्तर भारत के सबसे पसंदीदा सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के विकल्प भी बढ़ेंगे।
जीएमसीएच प्रशासन ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह संस्थान के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ भविष्य में कुशल और संवेदनशील चिकित्सकों की संख्या भी बढ़ेगी। इसका सीधा लाभ चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और आसपास के राज्यों की स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा।
क्यों अहम है फैसला
हर वर्ष लाखों छात्र-छात्राएं नीट परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीमित सीटों के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का सपना अधूरा रह जाता है। जीएमसीएच-32 में 50 नई सीटें जुड़ने से न केवल प्रवेश के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि उत्तर भारत के विद्यार्थियों के लिए एक और मजबूत सरकारी विकल्प उपलब्ध होगा।
35 साल में ऐसे बढ़ती गईं एमबीबीएस सीटें
वर्ष एमबीबीएस सीटें क्या हुआ
1991 50 कॉलेज की स्थापना के साथ पहला एमबीबीएस बैच शुरू
2013-14 100 एनएमसी/तत्कालीन एमसीआई से 50 सीटों की बढ़ोतरी
2019-20 150 दूसरी बार 50 सीटें बढ़ीं
2026-27 200 एनएमसी ने तीसरी बार 50 अतिरिक्त सीटों को मंजूरी दी