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मोगा की हरमनप्रीत ने रचा इतिहास: आधी रात जश्न में डूबा दुनेका, जहां खेलती थीं क्रिकेट वहां भी बजे ढोल-नगाड़े

Mon, 03 Nov 2025 08:21 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, मोगा (पंजाब)

सार

मोगा जिले की रहने वाली हरमनप्रीत कौर ने दुनिया भर में मोगा का नाम रोशन किया है। आज मोगा में हर कोई अपनी इस बेटी पर गर्व महसूस कर रहा है। लोगों को कई वर्षों से इस ऐतिहासिक पल का इंतजार था, जिसे हरमनप्रीत कौर ने साकार कर दिखाया है।
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मोगा में जीत का जश्न मनाते लोग - फोटो : संवाद
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विस्तार
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महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने इतिहास रच दिया। 

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पंजाब के मोगा की शान हरमनप्रीत कौर ने अपने जज्बे, कौशल और नेतृत्व से 1.5 सौ करोड़ भारतीयों के सपने को साकार कर दिया। हरमनप्रीत ने जैसे ही अफ्रीकी खिलाड़ी क्लार्क का कैच पकड़ा पकड़ा, पूरा स्टेडियम खुशी से झूम उठा। हरमन ने 20 रन भी बनाए। इस जीत के साथ ही भारतीय महिला क्रिकेट का नाम इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कर लिया गया है। 

जीत के साथ ही मोगा में हरमनप्रीत का पैतृक गांव दुनेका भी जश्न में डूब गया। लोग सड़कों पर निकल आए और आतिशबाजी की।

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संघर्ष, समर्पण और सफलता की मिसाल

8 मार्च, 1989 को पंजाब के मोगा में जन्मी हरमनप्रीत कौर की कहानी संघर्ष, समर्पण और सफलता की मिसाल है। उनके पिता हरमिंदर सिंह स्थानीय जिला अदालत में क्लर्क हैं और माता सत्विंदर कौर ने हमेशा बेटी के खेल के प्रति जुनून को प्रोत्साहित किया है। बचपन में हरमनप्रीत अपने पिता के साथ खेल मैदानों में जाया करती थीं जहां खेल के प्रति उनका प्रेम और आत्मविश्वास पनपा। हरमनप्रीत की यात्रा मोगा की मिट्टी से लेकर विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े मंच तक हर उस लड़की के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को साकार करने का साहस रखती हैं।

माता-पिता स्टेडियम में बढ़ाते रहे हौसला

हरमनप्रीत ने पढ़ाई मोगा के सरकारी कन्या विद्यालय में प्राप्त की और बाद में क्रिकेट को गंभीरता से आगे बढ़ाने के लिए निजी स्कूल में दाखिला लिया। उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए कमलदीश सिंह सोढी मोगा-फिरोजपुर रोड स्थित ज्ञान ज्योति क्रिकेट अकादमी और स्कूल के मालिक हैं। उन्होंने हरमन को प्रशिक्षण और मंच प्रदान किया। हरमनप्रीत के परिवार ने हमेशा उनका साथ दिया। उनकी एक बहन कनाडा में और भाई ऑस्ट्रेलिया में सेटल हैं। उनके माता-पिता फाइनल में मुंबई में स्टेडियम से बेटी का हौसला बढ़ाते रहे।

हरमन के नाम कई रिकॉर्ड

हरमनप्रीत एक आक्रामक दाहिने हाथ की बल्लेबाज और उपयोगी ऑफ-स्पिन गेंदबाज हैं। उनकी 2017 विश्व कप सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई 171 रनों की नाबाद पारी आज भी भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है। वह पहली भारतीय महिला क्रिकेटर हैं जिन्हें किसी विदेशी टी-20 फ्रेंचाइजी (ऑस्ट्रेलिया की वीमेंस बिग बैश लीग) में खेलने का मौका मिला। वह टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला हैं और अब तक 3,000 से अधिक टी-20 अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाली इकलौती भारतीय महिला क्रिकेटर हैं। सभी प्रारूपों में उनके नाम 8,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय रन दर्ज हैं। हरमनप्रीत कौर सिर्फ एक कप्तान नहीं, बल्कि नई, आत्मविश्वासी भारत की प्रतीक हैं।
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