पाकिस्तान के साथ जारी तनाव के बीच सीमावर्ती राज्यों पंजाब, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, राजस्थान के अलावा हरियाणा और केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ में शनिवार को मॉक ड्रिल होगी। ऑपरेशन शील्ड के तहत पहले यह ड्रिल वीरवार को होनी थी लेकिन प्रशासनिक कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया था। पाकिस्तान के साथ 10 मई की शाम से लागू संघर्षविराम के बाद पहली बार मॉक ड्रिल कराई जा रही है।
केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से देशभर में आयोजित किए जा रहे दूसरे नागरिक सुरक्षा अभ्यास में चंडीगढ़ भी हिस्सा लेगा। यह अभ्यास उन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के सभी जिलों में किया जा रहा है, जो देश की पश्चिमी सीमा से सटे हुए हैं।
अग्निशमन सेवा और होमगार्ड महानिदेशालय से जारी बयान में कहा गया कि मॉक ड्रिल में दुश्मन के विमानों, ड्रोन और मिसाइल हमलों का सामना करने के तरीके बताए जाएंगे। इस दौरान सायरन बजाया जाएगा और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों का भी परीक्षण किया जाएगा। नागरिक सुरक्षा अधिकारियों ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश से आग्रह किया कि वे सभी स्थानीय प्रशासन को शामिल करते हुए शनिवार को शाम 5 बजे से मॉक ड्रिल की योजना बनाएं और इसका आयोजन करें।
इस दौरान नागरिक सुरक्षा के संबंध में स्थानीय प्रशासन की तत्परता सुनिश्चित करने, एनसीसी, एनएसएस, भारत स्काउट एवं गाइड जैसे स्वयंसेवकों की सेवाएं लेने, दुश्मन के विमानों व मिसाइल हमलों के संबंध में वायुसेना और नागरिक सुरक्षा नियंत्रण कक्ष के बीच हॉटलाइन स्थापित करने, हवाई हमले के सायरन को सक्रिय करने, पूरी तरह से ब्लैकआउट सुनिश्चित करने, आम जनता व उनकी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसी विभिन्न कार्रवाई की जाएगी।
पिछली बार ड्रोन हमले की हुई थी कोशिश, इसलिए सेक्टर-47 में मॉक ड्रिल
पाकिस्तान की ओर से पिछली बार चंडीगढ़ के एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन हमले की कोशिश हुई थी। इसे लेकर कई बार अलर्ट जारी किया गया था और ब्लैक आउट भी हुआ था। इसलिए, इस बार सेक्टर-47 के कम्युनिटी सेंटर में एक मॉक ड्रिल होगा कि अगर ड्रोन हमला हुआ तो कैसे लोगों को बचाया जाएगा। इस अभ्यास में एक सैन्य स्टेशन पर दुश्मन के ड्रोन हमले की कल्पना की जाएगी। इस स्थिति में प्रशासन की तरफ से 20 लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाएगा। मॉक ड्रिल के दौरान चिकित्सा व्यवस्था की भी जांच की जाएगी। इसके तहत 30 यूनिट रक्त की व्यवस्था, अतिरिक्त चिकित्सा दल और घायलों के उपचार के लिए तत्काल प्रतिक्रिया तंत्र को परखा जाएगा।
बॉर्डर विंग होमगार्ड भी रहेंगे तैनात
इस अभ्यास में नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक, होमगार्ड, स्थानीय अधिकारी, एनसीसी, एनएसएस और अन्य स्वयंसेवी संस्थाएं भाग लेंगी। अभ्यास के दौरान हवाई हमलों, ड्रोन और मिसाइल हमलों की स्थिति, एयर रेड सायरनों का संचालन, वायुसेना और नागरिक सुरक्षा नियंत्रण कक्षों के बीच समन्वय की भी तैयारी की जाएगी। ऑपरेशन शील्ड के तहत रियर एरिया सिक्योरिटी की योजना के अनुसार बॉर्डर विंग होम गार्ड्स को भी भारतीय सेना के सहयोग के लिए तैनात किया जाएगा। मुख्य सचिव ने चंडीगढ़ प्रशासन के सभी विभागों को इस अभ्यास में सहयोग और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
ऑपरेशन सिंदूर वाले दिन 244 जिलों में हुई थी पहली मॉक ड्रिल
इससे पहले पहलगाम आतंकी घटना के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर 7 मई को 244 जिलों में मॉक ड्रिल हुई थी। इसमें ब्लैकआउट अभ्यास, हवाई हमले के सायरन, निकासी प्रोटोकॉल और जन जागरूकता को शामिल किया गया था, जिनका उद्देश्य नागरिकों को युद्धकालीन परिस्थितियों जैसी आपात स्थितियों के लिए तैयार करना था। लोगों को सचेत करने के लिए हवाई हमले की चेतावनी वाले सायरन बजाए गए थे। रात में 12 मिनट का ब्लैकआउट किया गया था। 7 मई की देर रात ही भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था।