फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डल्लेवाल की हालत नाजुक: किसान नेता के शरीर की हड्डियां सिकुड़नी शुरू हुईं, खनाैरी पर एक और किसान की माैत

Mon, 13 Jan 2025 08:56 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)

सार

किसानों की मांगों के लिए जगजीत डल्लेवाल आमरण अनशन कर रहे हैं। इसी बीच संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) और एसकेएम (गैर-राजनीतिक) एवं किसान मजदूर मोर्चा की ओर से आपसी तालमेल के लिए मीटिंग आज पातड़ां में होगी। 
विज्ञापन
जगजीत डल्लेवाल - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

खनौरी मोर्चे पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के आमरण अनशन का आज 49वां दिन है। दिनोंदिन उनकी हालत खराब होती जा रही है। रविवार को डॉक्टरों ने कहा है कि डल्लेवाल की हड्डियां (विशेषकर आंख के साइड) सिकुड़नी शुरू हो गई हैं जो बेहद चिंताजनक है। इसके अलावा उनके बीपी, शूगर व अन्य टेस्ट भी सामान्य नहीं हैं।

विज्ञापन


डॉक्टरों की एक टीम 24 घंटे उनकी तबीयत पर निगरानी रख रही है। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) और एसकेएम (गैर-राजनीतिक) एवं किसान मजदूर मोर्चा की ओर से आपसी तालमेल के लिए मीटिंग आज पातड़ां में होगी।

पहले यह बैठक 15 जनवरी को पटियाला में होनी तय हुई थी। किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ के मुताबिक दोनों मोर्चों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को पातड़ां में बैठक में शामिल होगा। रविवार को हिसार से किसानों का एक जत्था डल्लेवाल के समर्थन में खनौरी आया। किसानों ने कहा कि डल्लेवाल पूरे देश के किसानों के नेता हैं और सभी किसान उनके लिए ज़िंदगी कुर्बान करने के लिए तैयार हैं। सोमवार को सोनीपत से किसानों का जत्था खन्नौरी किसान मोर्चे पर आएगा।

डल्लेवाल ने संतों-महापुरुषों व धर्मगुरूओं को लिखी चिट्ठी

रविवार को दोनों मोर्चों ने डल्लेवाल द्वारा हस्ताक्षरित चिट्ठी संत-महापुरुषों एवं धर्मगुरुओं को लिखी है। इसमें लिखा गया है कि विभिन्न सरकारों द्वारा अलग-अलग समय पर किसानों से किए गए वादों को पूरा कराने के लिए डल्लेवाल आमरण अनशन पर हैं। पिछले 11 महीनों से हजारों किसान सड़कों पर बैठे हैं। आंदोलन में पुलिस की कारवाई में 1 किसान की गोली लगने से शहादत हुई, 5 किसानों की आंखों की रोशनी चली गई एवं 434 किसान घायल हो गए। प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति एवं सुप्रीम कोर्ट के जजों को चिट्ठी लिख चुके हैं लेकिन किसी ने भी किसानों की चिट्ठी पर न तो कोई गौर किया और न ही उसका जवाब दिया। किसानों का आप से विनम्र निवेदन है कि मोर्चे की मजबूती व जीत के लिए परमात्मा/वाहेगुरु/अल्लाह के चरणों मे प्रार्थना/अरदास करें।

जग्गा सिंह की हुई मौत

फरीदकोट जिले के गोदारा गांव के 80 साल के किसान जग्गा सिंह की बीते रविवार को खनौरी बॉर्डर पर अचानक तबीयत खराब हो गई थी। उन्हें इलाज के लिए पटियाला के राजिंद्रा अस्पताल ले जाया गया था। रविवार दोपहर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें