खालिस्तानी समर्थक व पंजाब के खडूर साहिब से निर्दलीय सांसद अमृतपाल सिंह ने बड़ा एलान किया है। अमृतपाल सिंह ने अपना अलग राजनीतिक दल बनाने की घोषणा की है। 14 जनवरी को पंजाब के मुक्तसर साहिब में माघी मेला शुरू हो रहा है। इस मौके पर अमृतपाल सिंह की नई पार्टी की शुरुआत भी होगी। माघी मेले में पार्टी के नाम की घोषणा अमृतपाल सिंह के पिता और उसके अन्य साथी कर सकते हैं। उसके इस एलान से पंजाब की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। हालांकि अभी अमृतपाल सिंह नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है।
इतने वोटों के अंतर से दर्ज की थी जीत
खडूर साहिब लोकसभा सीट पर अमृतपाल सिंह ने 4,04,430 मतों के साथ महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की थी। चुनाव में अमृतपाल सिंह के निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार कुलबीर सिंह जीरा थे, जिन्हें 2,07,310 वोट मिले थे। जीत के बाद अमृतपाल सिंह की पत्नी और वकील उससे मिलने डिब्रूगढ़ जेल गए थे।
अप्रैल 2023 से जेल में बंद है अमृतपाल
अमृतपाल सिंह अप्रैल 2023 से जेल में बद है। 23 फरवरी 2023 को अमृतपाल सिंह के नेतृत्व में हजारों की भीड़ अमृतसर के अजनाला पुलिस स्टेशन में घुस गई थी। पुलिस स्टेशन में तोड़फोड़ की गई थी। 18 मार्च को अमृतपाल घर से फरार हो गया। इस घटना के बाद अमृतपाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। इसके बाद 23 अप्रैल को पंजाब पुलिस ने उसे मोगा से गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ एनएसए के तहत मामला दर्ज करने के बाद उसे असम की डिब्रूगढ़ जेल में भेज दिया गया। जेल से ही उसने लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीता भी था।