धमाके से टूटी थाने की खिड़कियां
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पंजाब में बीते दिनों पुलिस थानों पर हुए ग्रेनेड हमलों की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। ग्रेनेड हमलों और आईईडी प्लांट करने वाले खालिस्तानी आतंकी संगठनों के पकड़े गए गुर्गों से पूछताछ में यह सामने आया है कि ऑस्ट्रिया और आर्मीनिया से बड़ी संख्या में विदेशी हथियार पाकिस्तान के रास्ते बॉर्डर पार से पंजाब भेजे जा रहे हैं।
इन विदेशी हथियारों में ग्लॉक पिस्टल, एके 47 और अन्य हाईटेक हथियार शामिल हैं। पंजाब के सरहदी इलाकों में कई खालिस्तानी आतंकी संगठनों के गुर्गे व स्लीपर सेल्स इस काम में जुटे हैं। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि विदेशी हथियारों के इन नेटवर्क को खंगालने में पुलिस जुटी है। विदेश बैठे आतंकी संगठनों के हैंडलरों की हर मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है।
आईएसआई का सपोर्ट, आतंकी संगठनों के लिए जुटाई जा रही फंडिंग
जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान, यूके और ग्रीस में बैठे खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ), बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) और अन्य आतंकी संगठनों के चीफ और हैंडलर आईएसआई के इशारे पर विदेशी हथियारों का जखीरा पंजाब पहुंचा रहे हैं। इन विदेशी हथियारों का इस्तेमाल न केवल हमलों में किया जा रहा है, बल्कि इनकी खरीद-फरोख्त के जरिये मूवमेंट के लिए फंडिंग भी जुटाई जा रही है। हथियारों की तस्करी के लिए बॉर्डर बेल्ट में कम उम्र के युवाओं को पैसों का लालच देकर उन्हें इस काम में डाला जा रहा है। इन सबके पीछे आतंकी संगठनों को आईएसआई का सपोर्ट भी मिल रहा है। यहां तक कि कई गैंगस्टर ग्रुप भी हथियार तस्करी के जरिये आतंकी संगठनों के लिए फंडिंग जुटा रहे हैं।
एनआईए भी कर रही मामले की जांच
बीते एक साल में सरहदी इलाके में 482 हथियार बरामद किए गए हैं, इनमें अधिकतर हथियार विदेशी निर्मित हैं। यूएसए, यूके, ऑस्ट्रिया और आर्मीनिया से इन विदेशी हथियारों को पाकिस्तान के रास्ते भारत भेजा जा रहा है। पाकिस्तान बॉर्डर एरिया से अलग-अलग ग्रुप के जरिये ये हथियार मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब और हरियाणा भेजे जाते हैं। इन दिनों ज्यादातर हथियार मध्यप्रदेश के रास्ते पंजाब आ रहे हैं। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने भी अपने स्तर पर इन विदेशी हथियारों के नेटवर्क को खंगालना शुरू कर दिया है।