सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर भाभी की हत्या के मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह मेहरों को संयुक्त अरब अमीरात से भारत लाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। बठिंडा पुलिस ने शुक्रवार देर शाम पंजाब पुलिस के ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपकर मेहरों के प्रत्यर्पण की औपचारिक मांग की है।
"कौम दे राखे" नामक कट्टरपंथी संगठन का मुखिया अमृतपाल सिंह मेहरों इस सनसनीखेज हत्याकांड का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस ने 17 जून को स्थानीय अदालत से उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी हासिल कर लिया था। आरोप है कि मेहरों ने सोशल मीडिया पर हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए वीडियो व ऑडियो क्लिप पोस्ट की थीं, जिनमें धमकियां और आपत्तिजनक टिप्पणियां भी शामिल थीं।
एसएसपी अमनीत कोंडल ने बताया कि हमने बीओआई को जो पत्र भेजा है, उसमें हत्या और आरोपी की भूमिका से जुड़ी तमाम जानकारियां दी गई हैं। यह पत्र इंटरपोल की मदद से उसकी विदेश में गिरफ्तारी के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। हालांकि उन्होंने पत्र की विस्तृत जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया।
हत्या की रात और आरोपी की फरारी
कंचन कुमारी की हत्या 9 और 10 जून की दरम्यानी रात को हुई थी। अमृतपाल मेहरों ने अपने साथियों जसप्रीत सिंह और निमरतजीत सिंह के साथ मिलकर कंचन की कार में गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद उसका शव भुचो स्थित निजी अस्पताल की पार्किंग में फेंक दिया। 11 जून की शाम को शव बरामद हुआ।
पुलिस के अनुसार, कंचन की सोशल मीडिया पोस्टों को लेकर सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने का हवाला देकर यह हत्या की गई। इसे अनाधिकृत नैतिक पुलिसिंग करार दिया गया है।
मेहरों का सोशल मीडिया अकाउंट सस्पेंड
भारत में मेहरों से जुड़े कम से कम चार सोशल मीडिया प्लेटफार्म सस्पेंड कर दिए गए हैं। इन अकाउंट्स से नफरत भरे संदेश और धमकियां प्रसारित की जा रही थीं। बावजूद इसके, पंजाब और हरियाणा के कई धार्मिक नेताओं और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने मेहरों के पक्ष में बयान दिए हैं, लेकिन उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
अब तक इस मामले में पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है। जसप्रीत सिंह और निमरतजीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मेहरों अब भी यूएई में छिपा हुआ है। एक अन्य आरोपी रंजीत सिंह, जो कि तरनतारन का रहने वाला है, फरार है। उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार, रंजीत ने ही मेहरों को अमृतसर पहुंचाने में मदद की थी। वहीं, उसे अमृतसर छोड़ने में सहायता करने वाले पांचवें आरोपी की पहचान अभी नहीं हो सकी है। एसएसपी कोंडल ने बताया कि रंजीत सिंह की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।