मानसा हत्याकांड का मुख्य आरोपी अश्वनी कुराली की इसी फैक्टरी से सिग्नोर कैप्सूल अपने मेडिकल स्टोर के लिए मंगवाता था और उन्हें मानसा में बेचता था। परविंदर सिंह झोटा इसी का विरोध कर रहे थे। आरोप है कि इसी विवाद में झोटा की गोली मारकर हत्या की गई।
मानसा के परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के मुख्य आरोपी अश्वनी से लिंक सामने आने के बाद जांच के घेरे में आई कुराली की दवा फैक्टरी से जुड़े मामले में अब दिल्ली के पते की जांच शुरू हो गई है। फैक्टरी में तैयार सिग्नोर कैप्सूल के पत्ते पर दिल्ली का एक पता दर्ज है। पंजाब के ड्रग विभाग ने इस पते की पड़ताल के लिए दिल्ली के ड्रग विभाग को पत्र लिखा है। वहीं, कुराली की फैक्टरी का हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित एक कंपनी से भी लिंक होने की संभावना जताई जा रही है।
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सूत्रों के अनुसार, पंजाब के ड्रग विभाग ने दिल्ली के विभाग से पूछा है कि संबंधित पते पर क्या गतिविधियां चल रही हैं और क्या वहां किसी के पास ड्रग लाइसेंस है। दिल्ली का ड्रग विभाग जांच के बाद पंजाब को रिपोर्ट भेजेगा। पंजाब के ड्रग कंट्रोलर विभाग के एक वरिष्ठ सूत्र ने इसकी पुष्टि की है।
जांच में यह भी सामने आया है कि कुराली की दवा फैक्टरी का बद्दी की एक कंपनी से भी संबंध हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, फैक्टरी कुछ दवाएं बद्दी की कंपनी से भी तैयार करवाती थी। इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
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सूत्रों के अनुसार, मानसा हत्याकांड का मुख्य आरोपी अश्वनी कुराली की इसी फैक्टरी से सिग्नोर कैप्सूल अपने मेडिकल स्टोर के लिए मंगवाता था और उन्हें मानसा में बेचता था। परविंदर सिंह झोटा इसी का विरोध कर रहे थे। मामले में कुराली की फैक्टरी की भूमिका की जांच जारी है। सूत्रों ने यह भी संभावना जताई है कि मामले की जांच सीबीआई कर सकती है।
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सीबीआई ने मेडिकल स्टोर मालिक के शैलर पर की रेड
झोटा हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई ने शनिवार रात और रविवार सुबह मानसा के गांव अक्कांवाली में एक मेडिकल स्टोर मालिक के शैलर पर छापा मारा। सीबीआई की तीन टीमें मानसा में अलग-अलग जगहों पर जांच कर रही हैं। टीमों ने मेडिकल स्टोर संचालकों और अन्य दुकानदारों से पूछताछ की है। साथ ही घटनास्थल के आसपास के दुकानदारों के बयान दर्ज करने और झोटा की ओर से मेडिकल स्टोरों पर खुलेआम नशा बेचने के आरोपों को लेकर वायरल किए गए वीडियो जुटाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
जांच एजेंसी मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार के हथियार के लाइसेंस, इसे जारी कराने के लिए की गई सिफारिशों और पिछले तीन महीने की मोबाइल फोन डिटेल खंगाल रही है। जांच में कुछ पुलिस, सिविल अधिकारियों और कारोबारियों के नाम सामने आने की बात कही जा रही है। सीबीआई इनके हत्याकांड से संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही है। झोटा के पिता भीम सिंह फौजी पहले ही मामले में ड्रग गिरोह की भूमिका की आशंका जताकर जांच की मांग कर चुके हैं।
सीबीआई यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात के समय झोटा के साथ कौन-कौन मौजूद था, विवाद कैसे बढ़ा और हत्या के बाद आरोपी किस रास्ते से फरार हुए। थाना सिटी-2 से एफआईआर समेत दस्तावेज लिए जा चुके हैं। आरोपी की ढहाई गई दुकान के मलबे से भी साक्ष्य जुटाए गए हैं। हालांकि दुकान गिराए जाने से सबूत नष्ट होने की आशंका है। ऐसे में वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य जांच के लिए अहम हैं।
झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने भीड़ को उकसाकर सबूत नष्ट करने के लिए दुकान ढहवाई। उधर, पैरा मेडिकल एंड हेल्थ कर्मचारी फ्रंट ने अश्वनी कुमार की फार्मासिस्ट के रूप में रजिस्ट्रेशन रद्द किए जाने को महज दिखावटी कार्रवाई बताया। फ्रंट ने उसकी शैक्षणिक योग्यताओं और फार्मेसी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया की भी जांच की मांग उठाई है।
झोटा की शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा: सुखबीर बादल
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने परविंदर सिंह झोटा के मानसा स्थित आवास पर पहुंचकर उनके परिवार से मुलाकात की और दुख साझा किया। उन्होंने झोटा के माता-पिता, पत्नी और दोनों छोटे बच्चों के हौसले को सलाम करते हुए कहा कि परिवार अपने पहाड़ जैसे दुख को पीछे रखकर इंसाफ की लड़ाई लड़ रहा है।
सुखबीर बादल ने पार्टी की ओर से परिवार और एक्शन कमेटी को भरोसा दिलाया कि अकाली दल और वह निजी तौर पर भी इंसाफ के इस संघर्ष में हर पल उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की जवानी को नशों से बचाने के लिए झोटा की दी गई शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा। सुखबीर ने दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी की।