जहां एक ओर देश के कुछ हिस्सों में लोग धार्मिक मतभेद के कारण एक-दूसरे से दूर हो रहे हैं, वहीं मोगा के गांव मलियांवाला ने यह साबित कर दिया है कि भाईचारा ही असली ताकत है। यहां के लोग किसी भी त्योहार को एक-दूसरे के बिना नहीं मनाते।
पूरे देश में शुक्रवार को 79वां स्वतंत्रता दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। वहीं मोगा के एक गांव ने स्वतंत्रता दिवस पर आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश की है।
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मोगा के गांव मलियांवाला में 1947 से पहले बनी एक मस्जिद में मुस्लिम, सिख और हिंदू समुदाय के लोग एक साथ इकट्ठा हुए। उन्होंने हाथों में तिरंगा थामा, गले मिलकर मिठाइयां बांटी और पूरे उत्साह के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया।
मुस्लिम समुदाय के रेशम दीन ने कहा कि मस्जिद कितने साल पुरानी है, ये तो कोई नहीं जानता लेकिन साल 1947 से पहले बनी थी ये पता है। इस गांव में सभी लोग भाईचारे के साथ रहते हैं और हर त्योहार मिलजुलकर मनाते हैं। यहां कोई भेदभाव नहीं है। आज मुस्लिम, सिख और हिंदू भाइयों ने मिलकर 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। भारत में यह पहला ऐसा गांव होगा, जहां सभी धर्मों के लोग इस तरह एकजुट होकर रहते हैं। चाहे सुख हो या दुख, सभी एक-दूसरे के साथ खड़े रहते हैं।
सिख समुदाय के पवित्र सिंह ने बताया कि हमारे गांव में कोई भेदभाव नहीं है। हमारा कोई भी उत्सव एक-दूसरे के बिना अधूरा है, सभी मिलकर मनाते हैं। आज सभी ने मिलकर 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। हमें एक साथ रहकर बहुत खुशी होती है।