बीते 24 घंटों में पंजाब और चंडीगढ़ में अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। चंडीगढ़ के सेक्टर-11 डी में शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे पुलिस नाकाबंदी से 50 मीटर दूर श्री कुमार मेडिकल हॉल-1 में दो नकाबपोश हमलावरों ने ऑटोमैटिक हथियार से कैशियर जानकी दास (45) पर ताबड़तोड़ 13 राउंड फायरिंग की। वारदात डेढ़ सेकेंड में अंजाम दी गई। इससे पहले जालंधर के दशमेश नगर में 12 जून रात आठ बजे सिमरनजीत (24) और सौरभ (23) की हत्या कर दी गई, जबकि अमृतसर के जंडियाला गुरु में रात साढ़े दस बजे मनिंदर (28) की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
चंडीगढ़ पुलिस का नाकाबंदी दल सेक्टर-11 की मुख्य सड़क पर ही तैनात था, जहां से वारदात वाली दुकान महज 50 मीटर दूर है। सीसीटीवी फुटेज में दो शूटर मास्क लगाकर दुकान में घुसते दिख रहे हैं। एक ने ऑटोमैटिक हथियार निकालकर बिना कुछ बोले जानकी दास के सीने पर गोलियां बरसा दीं। दूसरा पिस्टल लेकर उसके साथ खड़ा रहा। वारदात के बाद दोनों भागे, जहां तीसरा साथी बाइक पर इंतजार कर रहा था। तीनों क्राइम ब्रांच कार्यालय की ओर भाग निकले। पुलिस ने मौके से सात से आठ खाली खोल बरामद किए।
हत्या के कुछ घंटों बाद गोल्डी बराड़ गैंग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जिम्मेदारी ली। पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई गैंग को धमकी भी दी गई। पुलिस प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि श्री कुमार मेडिकल हॉल-1 के संचालक को कभी कोई धमकी नहीं मिली, लेकिन उसी सेक्टर में स्थित कुमार ब्रदर्स केमिस्ट को साल 2018 और मार्च 2025 में रंगदारी की धमकियां मिल चुकी हैं। पुलिस एक जैसे नामों के कारण गलत निशाना बनाए जाने की संभावना की जांच कर रही है। चंडीगढ़ पुलिस के अनुसार, कुमार ब्रदर्स केमिस्ट को पहले भी गैंगस्टर संपत नेहरा और गोल्डी बराड़ गैंग की ओर से धमकियां मिल चुकी हैं। बीते मार्च में सोनीपत से गैंग के एक गुर्गे की गिरफ्तारी के बाद यह मामला खुला था। पुलिस का कहना है कि हो सकता है कि शूटर कुमार ब्रदर्स को निशाना बनाने आए थे, लेकिन एक जैसे नाम के कारण श्री कुमार मेडिकल हॉल-1 में घुस गए। इसके अलावा जांच में यह भी पता चला है कि मृतक जानकी दास की पत्नी हिमाचल के रोहड़ू क्षेत्र में सरपंच हैं। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है।