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Mig-21: कितना सुरक्षित था मिग-21, विदाई पर छिड़ी बहस, पूर्व एयर चीफ मार्शल ने बताए सेफ्टी रिकॉर्ड के आंकड़े

Sun, 28 Sep 2025 11:45 AM IST
अंकेश ठाकुर मोहित धुपड़, चंडीगढ़

सार

मिग-21 की विदाई के बाद इसके संचालन संबंधी भरोसे पर कोई सवाल न खड़ा करे, इसकी पूरी तैयारी कर पूर्व एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ शुक्रवार को चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे थे।
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फाइटर जेट मिग-21 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एयरफोर्स के पहले सुपरसोनिक कॉम्बैट एयरक्राफ्ट मिग-21 की जंगी बेड़े से विदाई हो चुकी है मगर उसके बावजूद इस विमान की विश्वसनीयता पर बहस छिड़ी है। यह विमान कितना सुरक्षित था और एयरफोर्स इतने पुराने जहाजों को क्यों ढो रही थी, उठ रहे ऐसे सवालों का जवाब एयरफोर्स के पूर्व एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने विमानों के सेफ्टी रिकॉर्ड के आंकड़ों से दिया है। मिग-21 की दुर्घटना दर जहां अन्य लड़ाकू विमानों की तुलना में सबसे कम थी, वहीं पायलटों को प्रशिक्षण देने के मामले में यह विमान सबसे भरोसेमंद माना जाता था।

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मिग-21 की विदाई के बाद इसके संचालन संबंधी भरोसे पर कोई सवाल न खड़ा करे, इसकी पूरी तैयारी कर पूर्व एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ शुक्रवार को चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे थे। इस बहस को विराम देने के लिए चर्चा के दौरान उन्होंने विमानों के सेफ्टी रिकॉर्ड के इन्हीं आंकड़ों का हवाला दिया।

अमर उजाला से बातचीत के दौरान बीएस धनोआ ने बताया कि मिग-21 को बदनाम करना पूरी तरह से गलत हैं, उन्होंने कहा, उन्हें मालूम था कि विमान की विदाई के दौरान यह बात जरूर उठेगी कि मिग-21 को इसलिए बेड़े से बाहर किया जा रहा है कि वे अब भरोसेमंद नहीं रहे। इसी का जवाब देने के लिए वह सेफ्टी रिकॉर्ड के आंकड़े अपने साथ लाए हैं। उन्होंने कहा कि एयर क्रू की प्रशिक्षण की बात करें तो मिग-21 एक भरोसेमंद ट्रेनर से कम नहीं था। उन्होंने खुद 40 साल तक इस विमान को उड़ाया है और बहुत से चीजें इस जहाज ने कॉकपिट में बैठने के बाद सिखाई हैं। इस विमान को बदनाम करना एक साजिश से कम नहीं था, क्योंकि दुश्मन भी इस लड़ाकू विमान की ताकत को बखूबी जानते थे। एयर डिफेंस के मामले में यह विमान तरह सक्षम था मगर समय के साथ-साथ बदलाव जरूरी है।

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र्व एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ - फोटो : अमर उजाला
प्रति एक लाख घंटा उड़ान पर हादसा दर
  •  इंडियन एयरफोर्स के सभी मिग-21 विमानों ने अब तक कुल 15,84,522 घंटे की उड़ान भरी।
  •  अब तक 488 मिग-21 विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं। प्रति एक लाख घंटा उड़ान पर यह दुर्घटना दर सिर्फ 2.95 प्रतिशत है।
  •  जीनाट और अजीत फाइटर एयरक्राफ्ट की दुर्घटना दर सबसे ज्यादा 6.88 प्रतिशत है। अब तक 92 गिरे।
  •  फाइटर एयरक्राफ्ट हंटर की दुर्घटना दर 4.26 प्रतिशत रही। कुल 86 दुर्घटनाग्रस्त हुए।
  •  मिग-23 की दुर्घटना दर भी 2.95 प्रतिशत है। 69 गिरकर खत्म हो चुके।
  •  मिग-27 की दुर्घटना दर 3.04 प्रतिशत है। कुल 64 हादसों में खो दिए।
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