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गैर इरादतन हत्या मामला: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 26 साल पुराने केस में पांचों दोषी बरी

Fri, 07 Aug 2026 07:15 PM IST
शाहिल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

जालंधर के 26 साल पुराने गैर इरादतन हत्या मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पांचों दोषियों को बरी कर दिया है।  
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जालंधर के 26 वर्ष पुराने गैर-इरादतन हत्या के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने निचली अदालत से दोषी ठहराए गए पांच आरोपियों को बरी कर दिया। हाईकोर्ट ने पुलिस की जांच और अभियोजन पक्ष पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

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यह मामला वर्ष 2000 में जालंधर में हुए हिंसक टकराव से जुड़ा था। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई थी। पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया था। ट्रायल कोर्ट ने वर्ष 2005 में सभी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। हाईकोर्ट ने वर्ष 2005 में सुनाई गई दोषसिद्धि और सजा को निरस्त कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा।

अभियोजन की विफलता
हाईकोर्ट ने पाया कि घटना में शामिल चार आरोपियों को भी चोटें आई थीं। पुलिस और अभियोजन यह स्पष्ट नहीं कर सके कि ये चोटें कैसे लगीं। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष चार आरोपियों की चोटों का संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सका। इससे घटना के वास्तविक घटनाक्रम पर गंभीर संदेह पैदा होता है। आपराधिक न्याय व्यवस्था का सिद्धांत है कि संदेह का लाभ आरोपी को मिलना चाहिए।

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