इस बीच कांग्रेस ने मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के विरोध में प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है। मंगलवार को सेक्टर-15 कांग्रेस भवन के बाहर पार्टी की तरफ से प्रदर्शन किया जाएगा। बाजवा ने एक इंटरव्यू में कहा था कि पंजाब में 50 ग्रेनेड आए थे, जिनमें से 18 इस्तेमाल हो चुके हैं। 32 अभी बाकी हैं। इसके बाद पंजाब सरकार ने उनकी घेराबंदी शुरू कर दी है।
आप ने साधा निशाना
वहीं आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग ने कहा कि प्रताप बाजवा पुलिस से क्यों भाग रहे हैं। इसका उन्हें जवाब देना चाहिए। अगर उनके पास कोई अहम जानकारी है, तो उसे तुरंत पुलिस के साथ साझा करें। ये कोई रियलिटी शो नहीं, लोगों की जिंदगियां दांव पर हैं। टीवी चैनलों पर बयानबाजी का वक्त है, पर पुलिस के सामने सच बोलने का नहीं। क्या ऐसा कोई कनेक्शन है जिसे वह छिपा रहे हैं। आज वकील कह रहे हैं कि जरूरी काम हैं, जिस कारण वह पेश नहीं हो सकते तो पूछना बनता है कि पंजाब की सुरक्षा से ज्यादा जरूरी और क्या हो सकता है।
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काउंटर इंटेलिजेंस की टीम ने रविवार को उनके घर जाकर पूछताछ की और बयान का आधार पूछा। काउंटर इंटेलिजेंस की एआईजी रवजोत ग्रेवाल ने बताया है कि यह बहुत ही संवेदनशील और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारी है। बाजवा ने जांच में सहयोग नहीं किया और इस सूचना का स्रोत बताने से भी इंकार कर दिया। शाम को बाजवा के खिलाफ मोहाली में आईटी एक्ट में केस दर्ज कर लिया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाजवा पर हमलावर होते हुए कहा कि उनके पास बम आने की सूचना कहां से आई है। क्या पाकिस्तान से उनके सीधे संबंध हैं, जो आतंकवादी उन्हें जानकारी दे रहे हैं?
उन्होंने कहा कि बाजवा परिवार के दशकों से पाक में सक्रिय पंजाब विरोधी ताकतों के साथ गहरे संबंध रहे हैं, जिस कारण बाजवा और उनके पाकिस्तान दोस्त पंजाब के अमन और तरक्की में रोड़ा अटकाना चाहते हैं। मान ने कहा- पुलिस को निर्देश दिए हैं कि बाजवा से इन बमों की निशानदेही करवाई जाए। अगर सिर्फ दहशत फैलाने के लिए उन्होंने यह बात कही है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। वह इसके लिए तैयार रहें।