नशों के खिलाफ मुहिम चलाने वाले परविंदर सिंह ‘झोटा’ की हत्या के बाद, उनके पिता भीम सिंह फौजी ने न्याय की लड़ाई के बीच कहा कि उनके बेटे द्वारा शुरू की गई नशों के खिलाफ जंग को रुकने नहीं दिया जाएगा। भावुक होते हुए उन्होंने कहा, “मेरी बेटी—मेरी बहू अब मेरे बेटे परविंदर सिंह ‘झोटा’ की जगह लेंगी और नशों के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाएंगी।” उन्होंने कहा कि यह मुहिम पूरे पंजाब में जारी रहेगी।
आज एक्शन कमेटी ने वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ एक बैठक की, जिसमें गृह सचिव अपनीत रियात, पुलिस कमिश्नर कंवलप्रीत कौर बराड़, डीआईजी हरजीत सिंह, मानसा की डिप्टी कमिश्नर नवजोत कौर, मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी और अन्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान, परिवार और एक्शन कमेटी ने नशों की बिक्री, पुलिस की कार्यप्रणाली और न्याय मिलने को लेकर चिंताएं जताईं।
झोटा के पिता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
बैठक के दौरान, गृह सचिव अपनीत रियात ने परविंदर सिंह ‘झोटा’ के बलिदान को शहादत के रूप में मान्यता दी। एक मौके पर, जब पुलिस की ‘मुस्तैदी’ (कार्यकुशलता) का जिक्र आया, तो ‘झोटा’ के पिता भीम सिंह ‘फौजी’ ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “यह पुलिस की मुस्तैदी नहीं, बल्कि घोर लापरवाही है।” उन्होंने सवाल किया कि अगर पुलिस वाकई इतनी मुस्तैद थी, तो वे उनके बेटे की जान क्यों नहीं बचा सके?