फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अवैध खनन-क्रशिंग पर लगेगी रोक: पंजाब में PSPCL से लिंक होंगे क्रशर यूनिट, जनरेटर सेट के इस्तेमाल पर होगा बैन

Thu, 29 May 2025 04:04 PM IST
निवेदिता वर्मा राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब में हर माह क्रशर यूनिट्स की तरफ से संसाधित सामग्री को बिजली की खपत के साथ चेक किया जाएगा। अगर इसमें किसी भी तरह की अनियमितताएं सामने आएंगी तो उसके लिए क्रशर यूनिट्स को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
विज्ञापन
अवैध खनन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब सरकार ने अवैध खनन और क्रशिंग पर रोक लगाने की तैयारी कर ली है। इसके तहत पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के साथ अभी क्रशर यूनिट्स को लिंक किया जाएगा।

विज्ञापन


हर माह क्रशर यूनिट्स की तरफ से संसाधित सामग्री को बिजली की खपत के साथ चेक किया जाएगा। अगर इसमें किसी भी तरह की अनियमितताएं सामने आएंगी तो उसके लिए क्रशर यूनिट्स को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इस तरह क्रशिंग के काम में किसी भी तरह का हेरफेर नहीं करने दिया जाएगा। पंजाब सरकार ने अवैध खनन को रोकने के लिए द पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट्स एंड स्टॉकिस्ट एंड रिटेलर्स कानून के ड्राफ्ट रूल्स तैयार किए हैं, जिसमें यह प्रावधान किए गए हैं।

ड्राफ्ट में साफ कर दिया गया है कि नियमों के लागू होने के तीन माह के अंदर सभी क्रशर यूनिट्स के लिए स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही जनरेटर सेट पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी। विभाग का तर्क है कि जनरेटर सेट के जरिये यूनिट्स अतिरिक्त सामग्री संसाधित कर सकती है, इसलिए सिर्फ ऑफिस में ही जनरेट सेट की अनुमति होगी।
विज्ञापन


पहले यूनिट्स की तरफ से जनरेटर सेट पर भी काम किया जाता था। इसी तरह अब नए नियम लागू होने के बाद सभी यूनिट को जनरेटर सेट हटाने होंगे। विभाग ने ड्राफ्ट जारी लोगों के सुझाव मांगे हैं, ताकि सुझावों के साथ इसे लागू किया जा सके।

विज्ञापन

पर्यावरण प्रबंधन फंड देना व सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे

सभी यूनिट के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। साथ ही वेटब्रिज मशीनें लगाने के भी विभाग निर्देश जारी कर सकता है। यूनिट्स को पर्यावरण प्रबंधन फंड भी देना होगा। पहले भी कैमरे व मशीनें लगाने का प्रावधान था, लेकिन यूनिट्स इसकी पालना नहीं करती थी। अब नए नियम लागू होने के बाद इसकी पालना अनिवार्य की गई है।

ड्राफ्ट नियमों के अनुसार पर्यावरण प्रबंधन फंड की राशि मासिक रिटर्न के साथ ही जमा करवानी होगी। ऐसा न करने पर यूनिट का पंजीकरण निलंबित या रद्द किया जा सकता है। इस फंड का उपयोग खनन से प्रभावित इलाकों के विकास व संरक्षण के लिए किया जाएगा। यूनिट के आसपास के एरिया की रिपेयर के साथ ही स्थानीय लोगों के लिए सुविधाएं प्रदान करने के लिए भी इसका इस्तेमाल होगा। साथ ही खनन क्षेत्र में स्टडी व सर्वे के लिए भी फंड का उपयोग होगा।

ये उल्लंघन करने पर लाइसेंस होगा निलंबित

  • अवैध खनन को लेकर कोर्ट से सजा मिलना।
  • क्रशर मालिक को अवैध खनन को लेकर नोटिस जारी करना।
  • पंजाब खान खनिज नियमों के उल्लंघन करने पर।
  • पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से यूनिट चलाने की अनुमति वापस लेना।
 

इन कारणों से लाइसेंस होगा रद्द

  • साल में तीन मासिक रिटर्न फाइल करने पर लाइसेंस रद्द होगा।
  • किसी भी आपराधिक मामले में कोर्ट की तरफ से सजा सुनाने पर।
  • सरकारी फीस तय समय में जमा न करवाने पर।
  • पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट्स एंड स्टॉकिस्ट एंड रिटेलर्स कानून की किसी भी तरह की उल्लंघना करने पर।
 

इन फीस का करना होगा भुगतान 

क्रशर यूनिट का पंजीकरण करवाने के लिए 31 मई तक 3 लाख रुपये फीस लगेगी। इसी तरह लाइसेंस रिन्यू करवाने पर 2 लाख रुपये का भुगतान करना होगा। इसी तरह देरी से रिन्यू करवाने के लिए समय के हिसाब से 20 हजार से 3 लाख रुपये तक फीस देनी होगी।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें