पर्यावरण प्रबंधन फंड देना व सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे
सभी यूनिट के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। साथ ही वेटब्रिज मशीनें लगाने के भी विभाग निर्देश जारी कर सकता है। यूनिट्स को पर्यावरण प्रबंधन फंड भी देना होगा। पहले भी कैमरे व मशीनें लगाने का प्रावधान था, लेकिन यूनिट्स इसकी पालना नहीं करती थी। अब नए नियम लागू होने के बाद इसकी पालना अनिवार्य की गई है।
ड्राफ्ट नियमों के अनुसार पर्यावरण प्रबंधन फंड की राशि मासिक रिटर्न के साथ ही जमा करवानी होगी। ऐसा न करने पर यूनिट का पंजीकरण निलंबित या रद्द किया जा सकता है। इस फंड का उपयोग खनन से प्रभावित इलाकों के विकास व संरक्षण के लिए किया जाएगा। यूनिट के आसपास के एरिया की रिपेयर के साथ ही स्थानीय लोगों के लिए सुविधाएं प्रदान करने के लिए भी इसका इस्तेमाल होगा। साथ ही खनन क्षेत्र में स्टडी व सर्वे के लिए भी फंड का उपयोग होगा।
ये उल्लंघन करने पर लाइसेंस होगा निलंबित
- अवैध खनन को लेकर कोर्ट से सजा मिलना।
- क्रशर मालिक को अवैध खनन को लेकर नोटिस जारी करना।
- पंजाब खान खनिज नियमों के उल्लंघन करने पर।
- पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से यूनिट चलाने की अनुमति वापस लेना।
इन कारणों से लाइसेंस होगा रद्द
- साल में तीन मासिक रिटर्न फाइल करने पर लाइसेंस रद्द होगा।
- किसी भी आपराधिक मामले में कोर्ट की तरफ से सजा सुनाने पर।
- सरकारी फीस तय समय में जमा न करवाने पर।
- पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट्स एंड स्टॉकिस्ट एंड रिटेलर्स कानून की किसी भी तरह की उल्लंघना करने पर।
इन फीस का करना होगा भुगतान
क्रशर यूनिट का पंजीकरण करवाने के लिए 31 मई तक 3 लाख रुपये फीस लगेगी। इसी तरह लाइसेंस रिन्यू करवाने पर 2 लाख रुपये का भुगतान करना होगा। इसी तरह देरी से रिन्यू करवाने के लिए समय के हिसाब से 20 हजार से 3 लाख रुपये तक फीस देनी होगी।