नशे को लेकर पंजाब में गरमाया हुआ है माहाैल
रंधावा का बयान ऐसे समय में आया है, जब नशे को लेकर पंजाब का माहौल गरमाया हुआ है। रंधावा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के कार्यकाल में नशे के विरुद्ध कोई काम नहीं किया गया। जब भी मैं और अन्य विधायक जाकर उनसे बात करते तो एक दो दिन असर दिखाई देता फिर वैसा ही पुराना सिस्टम शुरू हो जाता था। पंजाब में स्पेशल टॉस्क फोर्स बनाई गई थी लेकिन जब टास्क फोर्स ने बड़े-बड़े नेताओं पर कार्रवाई के लिए सीएमओ से परमिशन मांगी तो कैप्टन के कार्यालय से इसकी मंजूरी ही नहीं दी गई।
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कैप्टन के बयान के बाद की टिप्पणी
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दो दिन पहले कहा था कि उनके कार्यकाल में 48 हजार नशा तस्करों पर कार्रवाई की गई थी। कैप्टन ने कहा था कि मैंने गुटका साहब की सौगंध खासकर नशा तस्करों की कमर तोड़ने की बात कही थी और वह पूरी भी की थी। इस पर रंधावा ने कहा कि कैप्टन ने जब सौगंध खाई तो हम साथ ही खड़े थे, जिसमें विधायक सुख सरकारिया, किक्की ढिल्लों, गुरप्रीत कांगड़ भी शामिल थे। सौगंध सच्ची हो या झूठी, यह बुरी बात है। हमें पता तक नहीं था कि कैप्टन गुटका साहब की सौगंध खाने जा रहे हैं।
रंधावा ने कहा कि कैप्टन के कार्यकाल में नशा तस्करों के खिलाफ काफी कार्य किया जा सकता था, हमारी सरकार में कमर तोड़ने वाली कोई बात नहीं हुई। जब मैं गृहमंत्री बना तो पता चला कि हाईकोर्ट ने कभी किसी रिपोर्ट पर रोक नहीं लगाई थी। लेकिन कैप्टन सरकार के समय हमें यही कहा जाता रहा कि हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी है, केस लंबित है। सीलबंद रिपोर्ट फाइल में पड़ी हुई हैं। मैंने तीन माह में आकर एक्शन भी किया।
एसटीएफ को नहीं मिली मंजूरी
एसटीएफ के चीफ ने तत्कालीन सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को लिखकर भेजा था कि हमें बड़े-बड़े तस्कर वाली फाइल में आगे जांच की मंजूरी दी जाए लेकिन हैरानीजनक बात है कि सीएमओ ने कभी फाइल एसटीएफ को वापस ही नहीं भेजी। यानी केस की जांच के लिए मंजूरी ही नहीं दी। हमारी सरकार नशे की कमर तोड़ने में नाकाम रही। कैप्टन से हमने कई बार मिलकर कहा कि हमने नशा को खत्म करने के लिए सौगंध खाई है, वह चाहते भी थे कि नशा तस्करों पर कार्रवाई हो लेकिन उनके हुक्म को कौन ऊपर से खत्म कर देता था, इसका पता ही नहीं चला।
रंधावा बोले कि मैंने कई बार कहा कि कैप्टन साहब आपके परिवार पर गुरु साहब की किरपा है, जिसने आपको यहां तक पहुंचाया है। हम स्टेजों पर बोलते थे लेकिन सरकार बनने के बाद हम बड़े-बड़े तस्करों पर हाथ नहीं डाल सके।