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मोगा के मजदूर को 35 करोड़ का नोटिस: लुधियाना GST विभाग ने भेजा, दफ्तर में शिकायत पर हुआ बड़ा खुलासा

Sat, 15 Nov 2025 12:24 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, मोगा (पंजाब)

सार

साल 2022 में भी अजमेर सिंह को 21 लाख का नोटिस आया था तब भी उन्होंने जीएसटी विभाग के दफ्तर जाकर जांच की मांग की थी पर विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब दोबारा उन्हें 35 करोड़ रुपये का नोटिस भेज दिया गया।
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नोटिस दिखाते अजमेर सिंह - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मोगा के बोहना चौक स्थित रहने वाले अजमेर सिंह मजदूरी करते हैं। उन्हें जीएसटी विभाग की ओर से 35 करोड़ रुपये जमा करने का नोटिस भेजा गया है। नोटिस के बाद से अजमेर सिंह काफी परेशान हैं। 
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वह स्पष्टीकरण लेने के लिए लुधियाना जीएसटी दफ्तर पहुंचे तो पूरे मामले मे बड़ा खुलासा हुआ। इसके बाद अजमेर सिंह ने मोगा सिटी साउथ थाना पहुंचे और पुलिस में शिकायत देकर मांग की कि इस पूरे मामले की जांच की जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए।
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पहले भी मिला था 21 लाख का नोटिस

अजमेर सिंह ने बताया कि वह मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। कभी काम मिलता है, कभी नहीं, लेकिन जब उन्हें 35 करोड़ रुपये का नोटिस मिला तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने बताया कि दो साल पहले भी 21 लाख रुपये का एक नोटिस आया था, लेकिन जब वे जीएसटी दफ्तर गए तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। पर इस बार रकम इतनी बड़ी है कि वे समझ ही नहीं पा रहे हैं कि यह सब कैसे हो गया। 



अजमेर सिंह के अनुसार, जब वे दोबारा जीएसटी कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि किसी ने उनके नाम से CEE KAY INTERNATIONAL नाम की एक कंपनी रजिस्टर्ड करवाई है। यह कंपनी लुधियाना के गिल रोड स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में दिखाई गई है। कंपनी बनाने के लिए उनके आधार कार्ड और पैन कार्ड का इस्तेमाल किया गया और इसी आधार पर उनके नाम पर जीएसटी नंबर लेकर करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया।

कोरोना काल में एक संस्था ने लिया था आधार नंबर

अजमेर सिंह का कहना है कि कोरोना काल में किसी संस्था ने उन्हें राशन देने के लिए आधार कार्ड मांगा था, संभव है कि उसी समय उनकी जानकारी का गलत इस्तेमाल हुआ हो। उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी पैन कार्ड नहीं बनवाया। 

अजमेर सिंह ने कहा कि उनके नाम पर हुए इस बड़े घोटाले की जांच हो और जिन्होंने करोड़ों रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी की है उन्हें सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।

काउंसलर जगजीत सिंह जीता ने बताया कि एक गरीब परिवार के साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है। जो व्यक्ति मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता है, उसे करोड़ों रुपये का नोटिस भेज दिया गया। उसके आधार कार्ड का गलत इस्तेमाल करके एक कंपनी रजिस्टर की गई और उसके नाम पर जीएसटी नंबर लेकर करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया, जिससे सरकार को नुकसान पहुंचाया गया। इस मामले में दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होना जरूरी है। थाने में शिकायत दर्ज करा दी गई है, अब देखना है कि आगे पुलिस क्या कार्रवाई करती है।
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