बरनाला पुलिस ने पाकिस्तान से संचालित नशा व हथियार तस्करी गिरोह के एक बड़े नार्को-टेरर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे हेरोइन और हथियार बरामद किए हैं। जांच में आरोपियों के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े होने का भी खुलासा हुआ है।
डीआईजी पटियाला रेंज कुलदीप सिंह चहल ने बताया कि पुलिस टीम इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान बरनाला-फरवाही लिंक रोड पर आरोपी गगनदीप सिंह को रोका गया। तलाशी के दौरान उसके पास से हेरोइन बरामद हुए। पूछताछ में सामने आया कि गगनदीप सिंह ने नशा तस्करी के लिए एक गिरोह बना रखा था, जिसके खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
डीआईजी ने बताया कि यह एक सुनियोजित नार्को-टेरर मॉड्यूल था, जिसे एसएसपी सरफराज आलम और उनकी टीम ने सफलतापूर्वक ध्वस्त किया। इस मामले में पुलिस ने करीब दो किलो हेरोइन और ऑस्ट्रेलिया में निर्मित एक 9 एमएम पिस्तौल बरामद की है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान गगनदीप सिंह निवासी हमीदी (बरनाला), सारज सिंह निवासी हबीब बाला (जिला फिरोजपुर) और राजकरन सिंह निवासी चक वजीदा (जिला फाजिल्का) के रूप में हुई है।
जांच में सामने आया है कि यह पूरा मॉड्यूल आईएसआई आधारित था। आरोपी ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से हेरोइन मंगवाते थे और इससे मिलने वाली रकम का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों में किया जाता था। इस ऑपरेशन में खुफिया एजेंसियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पूछताछ के दौरान गगनदीप सिंह ने बताया कि जब वह नशा तस्करी के एक मामले में फरीदकोट जेल में बंद था, तब उसकी पहचान जज सिंह नामक व्यक्ति से हुई थी। जज सिंह के पाकिस्तान स्थित आईएसआई एजेंट हाजी से संपर्क थे। इसी के माध्यम से गगनदीप की बातचीत सारज सिंह और राजकरन सिंह से करवाई गई। हाजी ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से भारत में हेरोइन भेजता था और भारत में मौजूद अपने नेटवर्क के जरिए अलग-अलग खातों में पैसे डलवाता था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गगनदीप सिंह और उसके साथियों के अन्य देश विरोधी संपर्कों की भी जांच की जा रही है। मामले में गहन पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।