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7 करोड़ की ठगी: वर्धमान ग्रुप के मालिक को किया डिजिटल अरेस्ट, गुवाहटी से शातिर गिरफ्तार, आरोपी से क्या मिला?

Thu, 15 May 2025 05:47 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)

सार

वर्धमान ग्रुप के मालिक श्रीपाल ओसवाल के साथ सात करोड़ रुपये की ठगी मामले में लुधियाना पुलिस ने एक आरोपी को गुवाहटी से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान आसाम के गुवाहटी बीके काकोटी रोड निवासी अतनु चौधरी के रूप में हुई है।
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पुलिस - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
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देश के प्रतिष्ठित उद्योगपतियों में शामिल वर्धमान ग्रुप के मालिक श्रीपाल ओसवाल के साथ सात करोड़ रुपये की ठगी मामले में लुधियाना पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। इस ठगी मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। कमिश्नरेट पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। हालांकि जिस आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है उसका पहले ही पता चल गया था, लेकिन आसाम कोर्ट की तरफ से उसे कंडिशनल बेल दी थी। उसकी वायलेशन करने पर उसकी बेल रिजेक्ट हुई और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खाते से नवंबर महीने में ही भारत की सबसे बड़े साढ़े पांच करोड़ रुपये की रिकवरी करवाई थी। आरोपी की पहचान आसाम के गुवाहटी बीके काकोटी रोड निवासी अतनु चौधरी के रूप में हुई है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके साथियों का पता लगाने में जुटी है।

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आरोपियों ने नकली सीबीआई अधिकारी बन साइबर ठगों द्वारा वर्धमान ग्रुप के मालिक श्रीपाल ओसवाल को डिजिटल अरेस्ट किया था। इसके बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट के जाली अरेस्ट वारंट दिखाकर डराया और सात करोड़ रुपये की ठगी की थी। श्रीपाल ओसवाल को साइबर ठगों ने वीडियो कॉल कर उन्हें डरा धमका दिया और उन्हें सुप्रीम कोर्ट के जाली अरेस्ट वारंट दिजा दिए। आरोपियों ने श्रीपाल ओसवाल को इस कदर डरा दिया कि वह कुछ भी नहीं कर सके। आरोपियों ने पूरे फिल्मी स्टाइल में उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया और कोर्ट में पेश भी डिजिटल तरीके से किया। उसके बाद आरोपियों ने उनके खाते से सात करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब तक श्रीपाल ओसवाल को कुछ पता चलता उनके साथ धोखाधड़ी हो चुकी थी। 

पुलिस के पास शिकायत पहुंची तो इतनी बड़ी धोखाधड़ी सुन पुलिस भी हैरान रह गई। पुलिस की साइबर सेल की टीम ने मामले की जांच गंभीरता से की और आरोपियों का पता लगाया। पता चला कि आरोपी गुवाहटी के हैं तो आरोपियों का पता लगा साइबर सेल के पूर्व इंचार्ज इंस्पेक्टर जतिंदर सिंह ने टीम के साथ गुवाहटी पुलिस से संपर्क किया और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जब उन्हें गुवाहटी अदालत में पेश किया तो उन्हें अदालत ने कंडिशनल बेल दे दी। 
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लुधियाना पुलिस की जांच लगातार चलती रही। आरोपियों ने कंडिशनल बेल में वायलेशन की और अदालत ने बेल रिजेक्ट कर दी। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में आरोपियों ने बेल लगाई तो वहां से भी बेल रिजेक्ट हो गई। इसके बाद कमिश्नरेट पुलिस की एक टीम आरोपियों को गिरफ्तार करने गई तो अतनु चौधरी पुलिस के हत्थे चढ़ गया, जबकि बाकी आरोपी फरार है। 

एसीपी मुराद जसवीर सिंह गिल ने बताया कि जो दूसरे आरोपी को कंडिशनल बेल मिली थी वह भी फरार है। इसके अलावा पुलिस ने आठ आरोपियों की पहचान कर ली है। जो अलग-अलग राज्यों के रहने वाले हैं। पुलिस उन राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क कर फरार आरोपियों का पता लगाने में जुटी है। उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने गिरफ्तार किए आरोपी के कब्जे से तीन अलग अलग कंपनियों के मोबाइल फोन, छह एटीम कार्ड भी बरामद किए हैं। रुपये पुलिस पहले ही बरामद कर चुकी है।

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