चंडीगढ़ में कुछ उपभोक्ताओं को 21 दिन की बिलिंग अवधि का बिजली बिल जारी होने के मामले में सीपीडीएल ने स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी के अनुसार बिलिंग साइकिल को व्यवस्थित करने के लिए कुछ उपभोक्ताओं की बिल जारी करने की तारीख में एक बार के लिए बदलाव किया गया था। इसी वजह से संबंधित उपभोक्ताओं को सामान्य 30 दिन के बजाय 21 दिन की अवधि का बिल मिला।
सीपीडीएल के अनुसार यह बदलाव केवल बिलिंग शेड्यूल को संशोधित चक्र के साथ व्यवस्थित करने के लिए किया गया था। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि अगले बिलिंग चक्र से इन उपभोक्ताओं को नियमित 30 दिन की अवधि के आधार पर बिजली के बिल जारी किए जाएंगे।
स्लैब पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त बोझ
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि कम अवधि का बिल जारी होने से उपभोक्ताओं पर बिजली खपत के स्लैब को लेकर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। जेईआरसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार सीपीडीएल बिजली की खपत के स्लैब की गणना प्रतिदिन के आधार पर करता है।
इसके तहत बिलिंग अवधि चाहे कितने भी दिनों की हो, संबंधित खपत स्लैब को बिलिंग दिनों की संख्या के अनुपात में निर्धारित किया जाता है। यानी 21 दिन की बिलिंग अवधि होने पर भी स्लैब की गणना उसी अवधि के दिनों के हिसाब से आनुपातिक रूप से की जाती है।
बिलिंग तारीख बदलने से उपभोक्ता को नुकसान नहीं
सीपीडीएल ने कहा है कि बिलिंग की तारीख या किसी विशेष बिलिंग चक्र में दिनों की संख्या बदलने से उपभोक्ता को स्लैब के मामले में अतिरिक्त नुकसान नहीं होता। जेईआरसी द्वारा निर्धारित प्रति-दिन स्लैब गणना की व्यवस्था के कारण खपत की गणना संबंधित बिलिंग अवधि के अनुरूप की जाती है।
कंपनी ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि 21 दिन की बिलिंग एक अस्थायी और एकमुश्त व्यवस्था थी। आगामी बिलिंग चक्र से संबंधित उपभोक्ताओं को फिर सामान्य 30 दिन की बिलिंग अवधि के अनुसार बिजली बिल प्राप्त होंगे।