गोल्डन टेंपल अमृतसर में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) नेता सुखबीर सिंह बादल पर गोली चलाने की घटना के बाद पंजाब कांग्रेस सांसद का नाम भी जुड़ रहा है। सुखबीर बादल पर गोली चलाने वाला आरोपी नारायण सिंह चौड़ा डेरा बाबा नानक का रहने वाला है। शिअद नेताओं ने आरोप लगाया है कि सुखबीर पर गोली चलाने वाले आरोपी के भाई का कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के साथ संबंध हैं। इसलिए सुखजिंदर सिंह रंधावा का नाम बुधवार को हुई इस घटना के साथ जोड़ा जा रहा है।
वहीं, कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने इस मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि सुखबीर बादल पर दरबार साहिब में हमला होना बहुत गलत है निंदनीय है। जो हमला हुआ है वह ऐसी जगह हुआ है जहां हर सिख जाता है। गुरु घर में ऐसा हमला होने से सिखों के लिए पूरी दुनिया में गलत संदेश गया है।
रंधावा ने कहा कि शिअद नेताओं को सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम से डर (फोबिया) लगता है। रंधावा ने कहा कि दलजीत चीमा ने जो आरोप लगाए हैं, पहले तो चीमा की ही जांच होनी चाहिए। मैंने बताया है कि आरोपी (शूटर नारायण सिंह चौड़ा) का भाई 1997 से सरपंच है। उसका भाई मेरा चेयरमैन भी रहा है। अगर ऐसा कुछ था तो एनआईए ने उसे आज तक क्यों नहीं उठाया। उससे पूछताछ क्यों नहीं की गई।
सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि आरोपी नारायण सिंह चौड़ा एंटी नेशनल एक्टिविटी में शामिल रहा है। उसकी कोई जांच पहले क्यों नहीं की गई। क्योंकि वह कहां-कहां घूम रहा है। वह डेरा बाबा नानक से अमृतसर पहुंच गया इंटेलिजेंस को इसका पता नहीं चला। चौड़ा कई बार जेल गया। वह पाकिस्तान में रहा गया। उसपर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
दलजीत चीमा ने जो मुझपर आरोप लगाए हैं उसके लिए चीमा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करूंगा। मैंने हमेशा आतंकवाद के खिलाफ बोला है। वे (शिअद) राज्य में 15 साल तक सत्ता में थे, क्या उन्हें कुछ पता नहीं था। चीमा भी डेरा बाबा नानक से चुनाव लड़ा है। क्या उसे शूटर के बारे में जानकारी नहीं थी। दलजीत सिंह चीमा जैसे लोगों को अपनी जुबान पर लगाम लगानी चाहिए।
रंधावा ने कहा कि आतंकवाद के दौर में प्रकाश सिंह बादल और शिअद नेता आतंकियों के भोग पर जाते थे। मेरे पिता उन लोगों के घर जाते थे जिन्हें आतंकी अपना निशाना बनाते थे, जिन्हें मारते थे। रंधावा ने कहा कि सुखबीर बादल पर हुए हमले के मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान भी संदेह के घेरे में हैं, इन सभी की गहन जांच होने चाहिए।