नीलामी में सबसे महंगा नंबर CH01-DG-0001 रहा। इस नंबर के लिए सबसे अधिक 21 लाख 31 हजार रुपये की बोली लगी। वहीं, CH01-DG-007 नंबर दूसरे स्थान पर रहा, जिसे 11 लाख 71 हजार रुपये में खरीदा गया।
चंडीगढ़ शहर में वाहनों के वीआईपी और पसंदीदा नंबरों के लिए लोगों ने जमकर बोली लगाई। रजिस्ट्रिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) की ओर से 10 से 12 अक्तूबर तक आयोजित ई-नीलामी में 527 नंबरों की बिक्री से प्रशासन को 2 करोड़ 97 लाख 56 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। नई सीरीज CH01-DG के नंबरों के साथ पिछली सीरीज के बचे हुए वीआईपी और विशेष नंबरों को भी नीलामी में शामिल किया गया था।
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नीलामी में सबसे महंगा नंबर CH01-DG-0001 रहा। इस नंबर के लिए सबसे अधिक 21 लाख 31 हजार रुपये की बोली लगी। वहीं, CH01-DG-007 नंबर दूसरे स्थान पर रहा, जिसे 11 लाख 71 हजार रुपये में खरीदा गया।
आरएलए कार्यालय की ओर से नई सीरीज CH01-DG के तहत 0001 से 9999 तक के फैंसी और पसंदीदा वाहन पंजीकरण नंबरों की ई-नीलामी करवाई गई। इसके साथ ही पिछली सीरीज के बचे हुए विशेष नंबर भी बोली के लिए उपलब्ध कराए गए। तीन दिन तक चली इस प्रक्रिया में लोगों ने अपनी पसंद के नंबर हासिल करने के लिए ऑनलाइन बोली लगाई।
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527 नंबरों से करीब तीन करोड़ का राजस्व
ई-नीलामी के दौरान कुल 527 पंजीकरण नंबरों की बिक्री हुई। इससे प्रशासन को 2,97,56,000 रुपये की आय हुई। इनमें CH01-DG-0001 सबसे अधिक कीमत पर बिकने वाला नंबर रहा, जबकि CH01-DG-007 के लिए भी 11 लाख रुपये से अधिक की बोली लगी। वीआईपी नंबरों की ऊंची कीमतों ने एक बार फिर वाहन मालिकों के बीच खास नंबरों के प्रति आकर्षण को सामने रखा।