74 सवालों से जुटाए आंकड़े
शोधकर्ताओं ने मल्टी-स्टेज स्ट्रेटिफाइड रैंडम सैंपलिंग से विद्यार्थियों का चयन किया। जानकारी के लिए सीडीसी यूथ रिस्क बिहेवियर सर्विलांस सिस्टम के 2017 के स्टैंडर्ड हाई स्कूल प्रश्नपत्र का इस्तेमाल हुआ। इसमें 74 सवाल थे, जिन्हें भरने में 30 से 45 मिनट लगे। भारतीय संदर्भ में उपयोगिता जांचने के लिए पहले 10 विद्यार्थियों पर इसका परीक्षण किया गया। प्रश्नपत्र बिना नाम लिखे भरवाया गया और अध्ययन को पीजीआई की इंस्टीट्यूट एथिक्स कमेटी से मंजूरी मिली थी।
डिप्रेशन और आत्मघाती विचारों में मजबूत संबंध
शोधकर्ताओं ने स्ट्रक्चरल इक्वेशन मॉडलिंग (एसईएम) से संबंधों का विश्लेषण किया। बुलिंग, साइबर बुलिंग और डेटिंग हिंसा को पीड़ित होने के संकेतकों के रूप में देखा गया। विश्लेषण में पीड़ित होने और शारीरिक लड़ाई, शारीरिक लड़ाई और डिप्रेशन तथा डिप्रेशन और आत्मघाती विचारों के बीच संबंध मिला। डिप्रेशन और आत्मघाती विचारों का संबंध विशेष रूप से मजबूत था, जबकि पीड़ित होने और आत्मघाती विचारों के बीच सीधा संबंध नगण्य पाया गया। अध्ययन क्रॉस-सेक्शनल आंकड़ों पर आधारित है, इसलिए इससे कारण-परिणाम का सीधा प्रमाण नहीं मिलता और निष्कर्ष सभी युवाओं पर लागू नहीं किए जा सकते।
दोस्त का व्यवहार बदले तो ये पांच बातें याद रखें
- दोस्त दूरी बनाने लगे तो प्यार से पूछें कि सब ठीक है या नहीं।
- पढ़ाई से मन हटना, गुस्सा आना या पसंदीदा गतिविधियों से दूरी परेशानी का संकेत हो सकती है।
- कॉलेज या सोशल मीडिया पर परेशान किए जाने पर परिवार, शिक्षक या काउंसलर से बात करें।
- परेशानी साझा करने वाले को कमजोर न कहें और न ही दूसरों से उसकी तुलना करें।
- लगातार उदासी, निराशा या खुद को बेकार समझने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें। आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने की बात को गंभीरता से लें और तुरंत सहायता दिलाएं।