मानसून के दौरान सुखना चो पर बनने वाले जलभराव से राहत दिलाने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने दो कॉज-वे को हाई लेवल ब्रिज में बदलने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।
दूसरी ओर, नगर निगम इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 के कॉज-वे पर अभी तक हाई लेवल ब्रिज की योजना भी तैयार नहीं कर सका है। निगम केवल मरम्मत तक सीमित है। 40 लाख रुपये की रिपेयर के लिए दो-तीन बार टेंडर जारी किए गए, लेकिन किसी कंपनी ने बिड नहीं डाली। निगम के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर धर्मेंद्र शर्मा ने भी माना कि हाई लेवल ब्रिज का कोई प्रस्ताव नहीं बनाया गया है।
उधर, मक्खनमाजरा कॉज-वे को हाई लेवल ब्रिज में बदलने का भी फिलहाल प्रशासन के पास कोई प्रस्ताव नहीं है। ऐसे में तेज बारिश के दौरान सुखना लेक के फ्लड गेट खुलने पर चारों कॉज-वे बंद होने की स्थिति दोबारा बन सकती है। इससे पंचकूला, मनीमाजरा, मौली जागरां, दड़वा और आसपास के क्षेत्रों की आवाजाही मध्य मार्ग और हल्लोमाजरा रूट तक सिमट जाएगी, जहां हर बार लंबा ट्रैफिक जाम लगता है।
सुखना चो पर किशनगढ़, बापूधाम-शास्त्री नगर, इंडस्ट्रियल एरिया और मक्खनमाजरा के चार कॉज-वे हैं। तेज बारिश के बाद सुखना लेक से पानी छोड़े जाने पर सुरक्षा के लिहाज से चारों कॉज-वे बंद कर दिए जाते हैं। इससे पंचकूला, मनीमाजरा, मौली जागरां, दड़वा, रायपुर कलां और मक्खनमाजरा की ओर जाने वाले चार प्रमुख मार्ग बंद हो जाते हैं।
लागत : 17 करोड़ रुपये
30 जुलाई तक टेंडर बिड जमा होंगी।
निर्माण अवधि : करीब एक वर्ष
सड़क को फोरलेन बनाया जाएगा।
दोनों ओर साइकिल ट्रैक और पैदल पथ बनेगा।
स्ट्रीट लाइट, स्टॉर्म वाटर लाइन और पानी की पाइपलाइन शिफ्ट होगी।
शास्त्री नगर-बापूधाम के पास सुखना चो के कॉज-वे को हाई लेवल ब्रिज में बदलने से सड़क एक समान स्तर पर होगी। इस मार्ग को फोरलेन बनाया जाएगा। सड़क की लेवलिंग मनीमाजरा की ओर लाइट प्वाइंट और बापूधाम की ओर से ऊंची की जाएगी। ब्रिज के दोनों ओर साइकिल ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए अलग स्थान होगा। सेंट्रल वर्ज पर स्ट्रीट लाइटें लगेंगी। साथ ही दो स्टॉर्म वाटर लाइनें बिछाई जाएंगी। मनीमाजरा की ओर जाने वाली पेयजल पाइपलाइन को भी ब्रिज के एक किनारे शिफ्ट किया जाएगा। निर्माण के दौरान दो बड़े बिजली के पोल और विद्युत लाइनें भी स्थानांतरित करनी होंगी। सड़क चौड़ीकरण और परियोजना के निर्माण के लिए 27 पेड़ काटे जाएंगे, जिसके बाद ब्रिज निर्माण का कार्य आगे बढ़ेगा।
इंडस्ट्रियल एरिया कॉज-वे को हाई लेवल ब्रिज बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं बनाया गया है। 40 लाख रुपये की मरम्मत के लिए कई बार टेंडर लगाए गए लेकिन कोई कंपनी सामने नहीं आई। - धर्मेंद्र शर्मा, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, नगर निगम
शास्त्री नगर कॉज-वे के लिए 17 करोड़ रुपये का टेंडर जारी हो चुका है। किशनगढ़ कॉज-वे की फिजिबिलिटी स्टडी चल रही है। मक्खनमाजरा कॉज-वे के लिए अभी कोई प्रस्ताव नहीं है। - सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर, चंडीगढ़ प्रशासन