स्व-गणना का चरण 16 से 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। जनसंख्या गणना का मुख्य चरण 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक होगा। इसके बाद 5 से 9 जनवरी 2027 तक संशोधन का दौर चलेगा। जनगणना के लिए संदर्भ तिथि 5 जनवरी 2027 की रात 12 बजे तय की गई है।
पंजाब में जनगणना-2027 के मद्देनजर तैयारियां तेज हो गई हैं। 16 नवंबर से स्व-गणना का पहला चरण शुरू होगा। इसके बाद 1 दिसंबर से 4 जनवरी तक जनसंख्या गणना चलेगी।
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इस जनगणना के दौरान लोगों से कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे। सोमवार को चंडीगढ़ में मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने राज्य स्तरीय सम्मेलन के दौरान जिला अधिकारियों के साथ समीक्षा की। इस सम्मेलन में राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति के सदस्य शामिल हुए।
मंडलायुक्त, सभी जिलों के उपायुक्त और नगर निगमों के नगर आयुक्त भी प्रधान जनगणना अधिकारी के तौर पर मौजूद थे। मुख्य सचिव ने समयबद्ध तरीके से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनगणना देश की एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कवायद है। इससे मिलने वाले आंकड़े शासन और योजना निर्माण का आधार बनते हैं। नीतियां बनाने और सार्वजनिक सेवाओं के लिए भी ये आंकड़े जरूरी हैं।
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जनगणना का शेड्यूल
स्व-गणना का चरण 16 से 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। जनसंख्या गणना का मुख्य चरण 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक होगा। इसके बाद 5 से 9 जनवरी 2027 तक संशोधन का दौर चलेगा। जनगणना के लिए संदर्भ तिथि 5 जनवरी 2027 की रात 12 बजे तय की गई है।
जनगणना संचालन पंजाब की निदेशक नवजोत खोसा ने अधिकारियों का स्वागत किया। उन्होंने फेज-2 से जुड़े प्रमुख बिंदुओं की जानकारी दी। मुख्य सचिव ने प्रधान जनगणना अधिकारियों से व्यक्तिगत निगरानी करने को कहा। उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में तैयारियों और मैदानी कार्यों पर ध्यान देना होगा। नवजोत खोसा ने कठिन, दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।