हाईकोर्ट के पांच अक्तूबर के आदेश के बाद सीबीआई की तरफ से दर्ज एफआईआर में घुमन, नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आरएस नागरा समेत अन्य आरोपी हैं। इनके चंडीगढ़, मोहाली, संगरूर, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, रोपड़ और जालंधर स्थित नौ ठिकानों पर दबिश दी गई थी।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुमन 251 पेज की विस्तृत एफआईआर सार्वजनिक होने के बाद सीबीआई के सामने पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए। सीबीआई ने उन्हें चंडीगढ़ स्थित कार्यालय में दोपहर 2:30 बजे बुलाया था।
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घुमन की ओर से दावा किया गया कि उन्हें विधिवत समन मिला ही नहीं। इसे लेकर उन्होंने सीबीआई अदालत में अवमानना याचिका दाखिल की है। इसी बीच बुधवार देर शाम करीब आठ बजे सीबीआई की टीम भ्रष्टाचार मामले में कथित बिचौलिया नितिन गोहल के खरड़ स्थित वेस्टर्न टावर के फ्लैट में फिर पहुंची। देर रात तक चली तलाशी में कुछ दस्तावेज और डिजिटल डाटा कब्जे में लिए जाने की सूचना है।
एफआईआर में ट्रांसफर-पोस्टिंग, नीतिगत फैसलों, विभागीय नियमों में बदलाव, टेंडर, लाइसेंस, हथियार लाइसेंस, जमीन सौदों और ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) की मंजूरियों से जुड़े कथित प्रभाव का जिक्र है। ईडी की सामग्री के हवाले से ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े मामलों और कई व्हाट्सएप चैट की जांच का भी उल्लेख है। कथित आर्थिक लेन-देन और नितिन गोहल से 20.98 लाख रुपये नकद बरामदगी का भी एफआईआर में जिक्र किया गया है।
एफआईआर सार्वजनिक होने पर घुमन पहुंचे कोर्ट
एफआईआर सार्वजनिक होने पर घुमन ने चंडीगढ़ की विशेष सीबीआई अदालत में अवमानना अर्जी दाखिल की है। उनके वकील ने कहा कि सीबीआई ने एफआईआर ऑनलाइन अपलोड करने से छूट मांगी थी जिसे अदालत ने मंजूर किया था। इसके बावजूद एफआईआर सार्वजनिक हो गई। अर्जी में एफआईआर सार्वजनिक होने की पूरी कड़ी का रिकॉर्ड तलब करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की मांग की गई है। अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी कर 12 अक्तूबर तक जवाब मांगा है।
डिजिटल साक्ष्यों से कड़ियां जोड़ रही सीबीआई
सीबीआई राजबीर सिंह घुमन समेत छह आरोपियों के मामले में डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। छह अक्तूबर को नौ ठिकानों पर दबिश के दौरान जब्त लैपटॉप, मोबाइल और दस्तावेजों से ट्रांसफर-पोस्टिंग, टेंडर, नीतिगत फैसलों और कथित लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। ईडी के इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और नितिन गोहल के बयानों को भी जांच का आधार बनाया गया है। सीबीआई डिजिटल डाटा के जरिए कथित संपर्कों और फैसलों के बीच कड़ी तलाश रही है।
हाईकोर्ट के पांच अक्तूबर के आदेश के बाद दर्ज एफआईआर में घुमन, नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आरएस नागरा समेत अन्य आरोपी हैं। इनके चंडीगढ़, मोहाली, संगरूर, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, रोपड़ और जालंधर स्थित नौ ठिकानों पर दबिश दी गई थी।
सीएम मान बोले-कुछ नहीं मिला, जांच से नहीं डरते
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को सीबीआई की कार्रवाई पर कहा कि घंटों चली तलाशी में केंद्रीय एजेंसी को कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सीबीआई को तलाशी में क्या मिला, यह सार्वजनिक करना चाहिए। मान ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं और उनके करीबियों को परेशान करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार किसी जांच से नहीं डरती और इसका सामना करेगी।
थाना भवानीगढ़ के एसएचओ निलंबित
संगरूर के गांव घराचों में घुमन के आवास पर सीबीआई टीम के पहुंचने के दौरान कुछ विपक्षी नेताओं ने टीम की गाड़ी पर फूल बरसाए थे। बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया।
इसी घटनाक्रम के बीच थाना भवानीगढ़ के एसएचओ यशपाल शर्मा को निलंबित किया गया। हालांकि, भवानीगढ़ के डीएसपी सतनाम सिंह ने साफ किया कि निलंबन ड्यूटी में लापरवाही के पुराने मामले में उच्च अधिकारियों के आदेश पर हुआ है। इसका फूल बरसाने की घटना से कोई संबंध नहीं है। पुलिस ने दोनों घटनाओं को अलग-अलग बताया है।