बरनाला में सांसद की साख का सवाल, बागियों ने बढ़ाई चिंता
इसी तरह बरनाला से सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर के लिए यह चुनाव साख का सवाल बना हुआ है। क्योंकि आप से यहां उनके करीबी हरिंदर सिंह मैदान में हैं। लेकिन टिकट न मिलने से नाराज आप नेता गुरदीप बाठ निर्दलीय तौर पर चुनाव मैदान में उतर गए हैं। कांग्रेस से कुलदीप सिंह ढिल्लों और भाजपा से पूर्व कांग्रेसी केवल सिंह ढिल्लों चुनाव लड़ रहे हैं। केवल ढिल्लों यहां से दो बार विधायक रह चुके हैं, जिसके चलते इस सीट पर भी मुकाबला रोचक हो गया है।
चब्बेवाल में पिता-पुत्र की साख व ठंडल का सियासी भविष्य दांव पर
इसी तरह चब्बेवाल में आप ने सांसद डॉ. राजकुमार चब्बेवाल के बेटे ईशांक चुनाव लड़ रहे हैं, जिसके चलते उनके लिए यह चुनाव साख का सवाल बना हुआ है। इसी तरह भाजपा से सोहन सिंह ठंडल चुनाव मैदान में हैं। यह चुनाव ठंडल का सियासी भविष्य भी तय करेगा। वर्ष 2012 में वह चुनाव जीते थे, लेकिन उसके बाद लगातार दो बार हार चुके हैं। इस चुनाव में उनके पास वापसी करने का एक मौका है। कांग्रेस ने एडवोकेट रंजीत कुमार टिकट दी है, जो चुनाव में बड़ा उलटफेर करने के साथ ही दूसरे दलों के समीकरण बिगाड़ सकते हैं।
कांग्रेस के गढ़ में उलटफेर करने की चुनौती
डेरा बाबा नानक को कांग्रेस का गढ़ कहा जाता है। पिछले तीन चुनावों से कांग्रेस की टिकट पर सुखजिंदर सिंह रंधावा यहां से चुनाव जीतते रहे हैं। इस बार उनकी पत्नी जतिंदर कौर किस्मत आजमा रही हैं। भाजपा से यहां अकाली नेता निर्मल सिंह काहलों क बेटे रविकरण काहलों और आप से गुरदीप रंधावा चुनाव लड़ रहे हैं और ये दोनों पिछला चुनाव इसी सीट से हार गए थे। इस तरह भाजपा व आप दोनों के लिए ही इस सीट पर जीत का परचम लहराने की बड़ी चुनौती है।