स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की तरफ से हाल ही में संसद में एक रिपोर्ट पेश की गई थी, जिसके अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों के स्वीकृत पद 586 है, जबकि सिर्फ 411 डॉक्टर काम कर रहे हैं। इस तरह 175 पद खाली पड़े हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से शनिवार को आम बजट पेश किया गया। बजट में अगले पांच सालों में 75 हजार मेडिकल सीटें जोड़ने का एलान किया गया है।
विज्ञापन
पंजाब में डॉक्टरों की भारी कमी है। प्राइमरी स्वास्थ्य केंद्रों पर 29 प्रतिशत सीटें खाली पड़ी है, जिसके चलते सीटें बढ़ने से पंजाब को काफी फायदा होगा।
पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रधान अखिल सरीन ने बताया कि पंजाब में विशेषज्ञों डॉक्टरों की काफी कमी है। मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने की जो घोषणा की गई है, उसका अधिकतम लाभ प्रदेश को दिया जाना चाहिए, ताकि डॉक्टरों पर काम का बोझा कम हो सके। साथ ही मरीजों को भी सही इलाज मिल सके।
विज्ञापन
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की तरफ से हाल ही में संसद में एक रिपोर्ट पेश की गई थी, जिसके अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों के स्वीकृत पद 586 है, जबकि सिर्फ 411 डॉक्टर काम कर रहे हैं। इस तरह 175 पद खाली पड़े हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 336 डॉक्टरों की जरुरत है, जबकि स्वीकृत सिर्फ 298 पद है। इन केंद्रों पर सिर्फ 55 विशेषज्ञ डॉक्टर ही काम कर रहे हैं। इस तरह 281 डॉक्टरों की कमी है।