अरविंद खन्ना समाजसेवी संस्था उम्मीद फाउंडेशन के जरिए निःशुल्क मेडिकल सुविधाएं देने के लिए प्रसिद्ध रहे हैं। खन्ना भारतीय जनता पार्टी में जनवरी 2022 में शामिल हुए थे। इससे पहले वे कांग्रेस में थे।
पंजाब में सिसायत में बड़ी हलचल हुई है। भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के बीच गठबंधन की अटकलों के बीच भाजपा को बड़ा झटका लगा है। संगरूर से विधानसभा चुनाव लड़ चुके भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद खन्ना शिअद में शामिल हो गए हैं। महाशिवरात्रि के दिन शिअद प्रमुख सुखबीर बादल अरविंद खन्ना के संगरूर स्थित निवास स्थान पर पहुंचे और अरविंद खन्ना को पार्टी में शामिल करवाया। अरविंद खन्ना भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और दो बार विधायक भी रह चुके हैं।
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अरविंद खन्ना समाजसेवी संस्था उम्मीद फाउंडेशन के जरिए निःशुल्क मेडिकल सुविधाएं देने के लिए प्रसिद्ध रहे हैं। खन्ना भारतीय जनता पार्टी में जनवरी 2022 में शामिल हुए थे। इससे पहले वे कांग्रेस में थे। मौजूदा समय में वे प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष हैं। खन्ना, भाजपा पंजाब की कोर समिति और वित्त समिति के सदस्य हैं। इससे पहले खन्ना ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के महासचिव, पीपीसीसी कोषाध्यक्ष के रूप में कार्य किया था।
अरविंद खन्ना इसी संसदीय सीट का हिस्सा संगरूर व धूरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं और कांग्रेस की टिकट पर 2004 लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं। हालांकि वे 27277 मतों के अंतर से अकाली दल के नेता सुखदेव सिंह ढींडसा से चुनाव हार गए थे। अरविंद खन्ना तब 259551 वोट लेने में सफल रहे थे।