पंजाब में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी सूबे में अपनी नई संगठनात्मक टीम के साथ मैदान में है। पुराने नेताओं के अनुभव और नई टीम के जोश के बीच समन्वय स्थापित कर भाजपा नई रणनीति और नए समीकरणों के साथ पंजाब में कमल खिलाने की कवायद में जुटी है। नई टीम में हाशिये पर पहुंचे कुछ टकसाली नेताओं में थोड़ी नाराजगी है। शिअद के साथ गठबंधन की चर्चाएं भी जारी हैं।
इसके बावजूद भाजपा मिशन 2027 के लिए आगे बढ़ रही है। हाल ही में हाईकमान ने जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधते हुए पंजाब भाजपा की कमान मालवा क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले जट सिख नेता केवल सिंह ढिल्लों को सौंपी है। सूबे की राजनीति में मालवा की लहर ही सत्ता का रुख तय करती है। ढिल्लों पहले कांग्रेस के विधायक थे और साल 2022 के बाद भाजपाई बने। उन्होंने अपनी नई टीम बनाई तो उसमें अपेक्षित स्थान न मिलने की वजह से कुछ टकसाली नेता (भाजपा के पुराने कैडर के नेता) नाराज हो गए।
इन दिनों हाईकमान इन नाराज नेताओं की नाराजगी दूर करने में जुटा है। उधर कुछ दिन पहले ही प्रभारी सतीश पूनिया को हाईकमान ने पंजाब भाजपा का प्रभारी लगाया है। पूनिया हरियाणा के प्रभारी भी हैं और पार्टी के बड़े चुनावी रणनीतिकारों में से एक माने जाते हैं।