ग्रामीणों में जनाधार जानना चाहती है भाजपा
भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेता बिना किसी गठबंधन के अकेले ही पंजाब में खुद को साबित करना चाहते हैं। इन नेताओं का कहना है कि पार्टी हाईकमान ने भी इस बाबत साफ संकेत दे दिए हैं और पार्टी लाइन पर ही भाजपा पंजाब में आगे बढ़ रही है। इसलिए जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के जरिये भाजपा यह जानना चाहती है कि सूबे में उनका जनाधार क्या है ताकि उसी आधार पर फरवरी 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव की रणनीति बनाई जा सके।
जुड़ाव के लिए डीबीटी स्कीमों का सहारा
ग्रामीण विकास को अपना मुख्य मुद्दा बनाते हुए सभी जिलों में भाजपा नेताओं की टीमें गांवों में जाकर ग्रामीणों को उनसे संबंधित उन केंद्रीय योजनाओं के बारे में बताएंगी जिसके अंतर्गत सीधा लाभ उनके खातों में ट्रांसफर होता है। इनमें 16 ऐसी डीबीटी स्कीमें हैं, जो कृषि और किसान कल्याण से जुड़ी हैं। इनमें से 15 स्कीमों का सीधा नकद लाभ किसानों के खातों में ट्रांसफर किया जाता है। इन्हीं डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर वाली स्कीमों के बारे में बताते हुए ग्रामीणों को इसके लिए आवेदन करने के लिए प्रेरित भी किया जाएगा।
हर मतदाता को बता रहे मोदी सरकार का विजन
पंजाब भाजपा पूरे उत्साह के साथ इन चुनाव को पहली बार इतने बड़े स्तर पर लड़ रही है। हम हर मतदाता से जुड़कर उनसे मोदी सरकार का विजन बताते हुए पंजाब को आगे ले जाने की बात कर रहे हैं। उन्हें बता रहे हैं कि कैसे पंजाब सरकार डीबीटी स्कीमों का लाभ उन तक नहीं पहुंचने दे रही है। हम पंजाबियों से यही आग्रह कर रहे हैं कि एक बार वह भाजपा को अपनी सेवा का मौका दें। - अनिल सरीन, प्रदेश महासचिव, पंजाब भाजपा