बहिबल कलां गोलीकांड मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने सोमवार को शिअद अध्यक्ष और पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल से करीब दो घंटे पूछताछ की।
दोबारा गठित एसआईटी की ओर से उनसे चौथी बार पूछताछ की गई। बाहर आने के बाद बादल ने कहा कि यदि उनके खिलाफ सबूत हैं तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए। वह जमानत भी नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि उनके पिता पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल कभी धक्केशाही के आगे नहीं झुके और न ही वह झुकेंगे। उन्होंने कहा कि एसआईटी जब भी बुलाएगी वह जांच में सहयोग करेंगे क्योंकि वह भी चाहते हैं कि असली दोषियों को सजा मिले।
साल 2015 में बेअदबी की घटना के बाद बहिबल कलां में प्रदर्शनकारियों पर हुई फायरिंग की जांच के लिए गठित एसआईटी इससे पहले श्री अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला, तत्कालीन ओएसडी सेवानिवृत्त आईएएस गगनदीप सिंह बराड़, तत्कालीन उपायुक्त मालविंदर सिंह जग्गी और पूर्व विधायक मंतर सिंह बराड़ से पूछताछ कर चुकी है।
कबूलनामे पर पूछे सवाल
सूत्रों के अनुसार एसआईटी ने दिसंबर 2024 में श्री अकाल तख्त के समक्ष सुखबीर बादल के कबूलनामे और पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह के बयानों को पूछताछ का आधार बनाया। एसआईटी ने पूछा कि क्या उन्होंने बेअदबी और बहिबल कलां मामले में अपनी जिम्मेदारी स्वीकार की थी। तैयार प्रश्नावली के अनुसार अन्य सवाल भी पूछे गए। हालांकि उनके जवाब सार्वजनिक नहीं किए गए।
सरकार ध्यान भटका रही : बादल
सुखबीर बादल ने आरोप लगाया कि सरकार मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े बेअदबी प्रकरण और श्री अकाल तख्त के हुक्मनामे से लोगों का ध्यान हटाने के लिए यह कार्रवाई कर रही है। उन्होंने इसे राजनीतिक रंजिश बताया और कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में भी कई बेअदबी की घटनाएं हुई हैं। एसआईटी की पूछताछ पर उन्होंने कहा, "कुछ नहीं, चाय और समोसा खिलाकर भेज देते हैं।