पंजाब गायक सिद्धू मूसेवाला डॉक्यूमेंट्री को लेकर मंगलवार को मानसा कोर्ट में सुनवाई हुई। बीबीसी की तरफ से डॉक्यूमेंट्री द किलिंग कॉल के विरोध में मूसेवाला के पिता की तरफ से दायर याचिका पर अपना जवाब दाखिल किया गया।
दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला पर बनी डॉक्यूमेंट्री द किलिंग कॉल की सुनवाई 21 जुलाई के लिए पुनर्निर्धारित की गई है। सिद्धू मूसेवाला के परिवार की ओर से उनकी याचिका के अव्यवहारिक होने के संबंध में बीबीसी द्वारा अदालत में दायर आवेदन की दूसरी सुनवाई में कोई दावा पेश नहीं किया।
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बीबीसी ने सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह की याचिका का जवाब देते अदालत में जवाब दावा पेश किया है। बीबीसी की ओर से एडवोकेट बलवंत सिंह भाटिया पेश हुए। बलकौर सिंह द्वारा अदालत में दायर की अपनी याचिका में कहा है कि उनके बेटे पर बनाई गई डॉक्यूमेंट्री से उनकी मानहानि हुई है। इस संबंध में बीबीसी ने उनसे कोई अनुमति नहीं ली और इसका असर मूसेवाला हत्याकांड के चल रहे केस पर भी पड़ेगा। इसके जवाब में बीबीसी के एडवोकेट बलवंत सिंह भाटिया ने अपना जवाब दावा पेश करते कहा कि मूसेवाला पर बनाई गई डॉक्यूमेंट्री से किसी तरह की मानहानि नहीं होती और न मूसेवाला पर डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए अनुमति की कोई जरूरत है।
इस पर कोई भी डॉक्यूमेंट्री बना सकता है। उन्होंने अपने जवाब में यह भी तर्क दिया है कि इस डॉक्यूमेंट्री का सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड पर कोई असर नहीं पड़ता। उन्होंने सिद्धू मूसेवाला के परिवार द्वारा फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग का अपने जवाब दावे में विरोध किया और कहा कि इस पर प्रतिबंध लगाना नहीं बनता। सिद्धू मूसेवाला के परिवार के एडवोकेट सतिंदर पाल मित्तल ने कहा कि उन्हें बीबीसी के दावे का जवाब देना था, उससे पहले ही बीबीसी ने अपना जवाब दावा पेश कर दिया। इस पर अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी।