पंजाब के जीएसटी संग्रह में इस बार रिकॉर्ड 44.44 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जून 2025 में 2379.90 करोड़ का जीएसटी संग्रह हुआ, जबकि जून 2024 में जीएसटी संग्रह सिर्फ 1647.69 करोड़ रुपये था। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि जून माह में अब तक की यह सबसे अधिक बढ़ोतरी है, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। चीमा ने मंगलवार को प्रेसवार्ता के दौरान इस संबंध में जानकारी दी।
चीमा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025- 26 की पहली तिमाही में भी 27 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। साथ ही राज्य के पांच शीर्ष करदाताओं को राज्य के आर्थिक विकास और राजस्व उत्पादन में उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया। इनमें अम्बुजा सीमेंट से आशु अग्निहोत्री, एचपीसीएल- मित्तल एनर्जी लिमटिड (एचएमईएल) से संजय मल्होत्रा, सैमसंग इंडिया प्राईवेट लिमटिड से चमन लाल शर्मा, टाटा स्टील से अंकुश शर्मा और दादा मोटर्स से नितिन दादा शामिल हैं।
इससे पहले अप्रैल में 15.35 प्रतिशत और मई में 24.59 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच टकराव के बावजूद वित्तीय साल 2025- 26 की पहली तिमाही के दौरान जीएसटी संग्रह 6830.40 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार राजस्व के लिए भविष्य की कोई योजना बनाने की जगह 30,070 करोड़ रुपए के प्राप्त हुए जीएसटी मुआवज़े पर ही निर्भर रही।
जीएसटी धोखाधड़ी सिंडिकेट का पर्दाफाश, 20 जाली फर्में बनाईं : चीमा
चीमा ने कहा कि विभाग के स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट (एसआईपीयू) ने एक अकाउंटेंट द्वारा चलाए जा रहे जीएसटी धोखाधड़ी सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इसके द्वारा जाली बिलिंग और आईटीसी धोखाधड़ी के लिए 20 जाली फर्में बनाईं गई थीं। प्राथमिक जांच में 866.67 करोड़ रुपए के धोखाधड़ी वाले लेन-देन का पता चला है, जिससे 157.22 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी होने का अनुमान है। इसके अलावा विभाग ने एक बड़े जीएसटी चोरी घोटाले का पर्दाफाश किया है, जिसमें मैसर्ज मां दुर्गा रोडलाइनज़ 168 करोड़ रुपए के जाली ई-वे बिल बनाने और असीमित सामान की ढुलाइ में शामिल पाया गया, जोकि एक ट्रांसपोर्टर के तौर पर रजिस्टर्ड है। इसमें 30.66 करोड़ रुपए की कर देनदारी शामिल है।