पंजाबी जन्म से ही उद्यमी- केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा कि अंग्रेजों ने क्लर्क पैदा करने के लिए शिक्षा प्रणाली विकसित की थी और दुर्भाग्य से आजादी के बाद भी यही व्यवस्था जारी रही। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सर्वश्रेष्ठ उत्पाद और ब्रांड बनाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। पंजाबी जन्म से ही उद्यमी हैं और यह कोर्स उनकी इस अनूठी क्षमता का उपयोग करने में मददगार होगा। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान यह कोर्स 20 सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों, 320 आईटीआई और 91 पॉलिटेक्निक कॉलेजों में शुरू किया जाएगा, जिसमें डेढ़ लाख छात्रों को शामिल किया जाएगा। शैक्षणिक वर्ष 2028-29 तक, इस कोर्स में पंजाब भर के 5 लाख विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। फिलहाल कोर्स बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए), बैचलर ऑफ कॉमर्स (बीकॉम), बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (बीटेक) और बैचलर ऑफ वोकेशन के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य होगा। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से इस कोर्स को अन्य सभी डिग्री प्रोग्रामों के साथ जोड़ा जाएगा। केजरीवाल ने कहा कि अमेरिका, यूके, जर्मनी, फ्रांस और जापान जैसे देशों में जीडीपी का लगभग 72 प्रतिशत उद्यमी और व्यावसायिक गतिविधियों से आता है। इससे विद्यार्थी न खुद उद्यमी बनेंगे, बल्कि दूसरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेंगे।
सीएम मान ने पीएम मोदी पर कसा तंज
सीएम भगवंत मान ने कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा। मान ने कहा कि पढ़ाई किए बिना प्रधानमंत्री बन बैठे हैं और अब अपनी डिग्री ढूंढ रहे हैं। अगर राजनीति में पढ़ाई अनिवार्य कर दी जाए तो प्रतिस्पर्धा बढ़ जाएगी। मान ने कहा कि यह प्रयास पंजाब को नई संभावनाओं और व्यापार का केंद्र बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। मान ने कहा कि आज दुनिया के शक्तिशाली देश विचारों की शक्ति दिखाने वाली एप्स जारी करने में लगे हैं। पंजाब में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, क्योंकि बोइंग में 45 प्रतिशत इंजीनियर पंजाब से हैं। मुख्यतंत्री ने कहा कि पहले राजनीति को केवल एक खेल माना जाता था और राजनीतिक नेताओं द्वारा अपने संकीर्ण हितों की पूर्ति के लिए लोगों को गुमराह किया जाता था। नशे के डर के कारण माता-पिता अपने बच्चों को विदेश भेजते थे। एक समय कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में केवल 33 प्रतिशत सीटें भरी जाती थीं, लेकिन अब दाखिला दर 100 प्रतिशत हो गई है। मान ने विभाग को सुझाव दिया कि जो बच्चे पढ़ाई बीच में छोड़ जाते हैं, वो भी कुछ न कुछ अपना काम कर रहे हैं। हमें उनको भी इस एप में शामिल किया जाना चाहिए।
विद्यार्थियों को सही दिशा प्रदान करेगा एप
आप पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि हर साल डेढ़ करोड़ छात्र अपनी स्नातक डिग्रियां पूरी करते हैं, लेकिन उनमें से केवल 15 लाख को ही नौकरियां मिलती हैं और बाकी बचे छात्रों में से कई गलत रास्ते पर चले जाते हैं। यह एप विद्यार्थियों को सही दिशा प्रदान करेगा।
2500 युवाओं को मिलेगा रोजगार
पंजाब सरकार और टाटा स्टील ने मिलकर लुधियाना में 2,600 करोड़ की बड़ी निवेश परियोजना शुरू की है, जो राज्य के लिए आर्थिक और सामाजिक प्रगति का नया आधार बनेगी। इस प्रोजेक्ट का ग्राउंडब्रेकिंग समारोह 20 अक्तूबर 2023 को हुआ था, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मुख्य भूमिका निभाई। यह परियोजना भारत में टाटा स्टील का पहला लो-कार्बन ग्रीन स्टील प्लांट है, जो पर्यावरण के अनुकूल तकनीक इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (ईएएफ) का इस्तेमाल करके स्टील बनाएगा। यह प्लांट 0.75 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता के साथ कादियाना खुर्द लुधियाना में स्थापित किया जा रहा है।
यह परियोजना पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार के सुनहरे अवसर लेकर आई है। यहां लगभग 500 सीधे रोजगार और 2000 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। राज्य सरकार ने विशेष रूप से स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने और कौशल विकास के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं, ताकि वे इस परियोजना में शामिल होकर अपने करियर को मजबूत बना सकें।
बड़े उद्योगों को मिला प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री मान ने अगस्त 2022 में टाटा स्टील को 115 एकड़ जमीन का औपचारिक आवंटन किया। इसके अलावा, राज्य सरकार ने संयंत्र तक सड़क कनेक्टिविटी की घोषणा की और सभी जरूरी सरकारी मंजूरी समय पर और सरल बनाने की व्यवस्था की। इन पहलों ने परियोजना को जल्दी से शुरू करने और विकसित करने में मदद की। औद्योगिक नीति के तहत, सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए कई वित्तीय प्रोत्साहन भी दिए हैं। इनमें कर में छूट, निवेश के आधार पर सहायता, और अन्य अनेक सुविधाएं शामिल हैं। इससे पंजाब में निवेश का वातावरण और बेहतर हुआ है और बड़े उद्योगों को राज्य में आने के लिए प्रोत्साहन मिला है। यही कारण है कि टाटा स्टील जैसे बड़े उद्योगों ने पंजाब को अपनी पहली लो-कार्बन ग्रीन स्टील परियोजना के लिए चुना।
यह प्लांट पर्यावरण की रक्षा को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस तकनीक पारंपरिक स्टील बनाने की तुलना में बहुत कम कार्बन उत्सर्जन करती है। यह पूरी तरह से रिसाइकल किए गए स्टील स्क्रैप से स्टील तैयार करेगी, जिससे ऊर्जा की बचत होगी और प्रदूषण कम होगा। पंजाब सरकार के हरित विकास के लक्ष्य को यह परियोजना मजबूती देगी और राज्य को स्वच्छ और टिकाऊ औद्योगिक केंद्र बनाएगी।
स्थानीय व्यापरियों को होगा फायदा
पंजाब की अर्थव्यवस्था को इस प्रोजेक्ट से बहुत लाभ होगा। 2,600 करोड़ की इस भारी पूंजी निवेश से स्थानीय व्यापारियों, निर्माण, परिवहन और अन्य क्षेत्रों को फायदा पहुंचेगा। इससे उद्योग क्षेत्र में नई गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। यह परियोजना पंजाब को एक औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करेगी। इस प्रोजेक्ट के साथ-साथ, 12 मार्च 2024 को लुधियाना में टाटा स्टील ने एक पूरी तरह से स्वचालित निर्माण सेवा केंद्र का भी उद्घाटन किया है। यह केंद्र निर्माण उद्योग को कस्टमाइज़्ड टिस्कॉन टीएमटी रिबार और बोर पाइल केज प्रदान करेगा, जिसकी क्षमता प्रति माह 1,500 टन है। यह केंद्र न केवल उत्पादन बढ़ाएगा, बल्कि निर्माण क्षेत्र की गुणवत्ता और दक्षता में भी सुधार लाएगा।
इस तरह, पंजाब सरकार का यह निवेश युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और राज्य के लिए आर्थिक संपन्नता की नई राह खोल रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब ने उद्योगों को बढ़ावा देने और पर्यावरण की रक्षा के बीच संतुलन बनाते हुए, हरित और टिकाऊ विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। यह परियोजना पंजाब के भविष्य की समृद्धि और युवाओं के उज्जवल कल की गारंटी है।