श्रद्धालु प्रदीप कौर ने बताया कि छठे पातशाह श्री गुरु हरिगोबिंद साहिब जी ग्वालियर के किले से 52 राजाओं को रिहा करवाकर अमृतसर पहुंचे थे। उनकी आमद की खुशी में संगत ने दीपमाला कर उत्सव मनाया था।
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बंदी छोड़ दिवस और दिवाली का पावन पर्व श्री हरिमंदिर साहिब में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर सुबह से ही देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री दरबार साहिब में माथा टेकने पहुंचे। संगत ने गुरु घर में नतमस्तक होकर परिवारों की सुख-शांति और सरबत के भले की अरदास की।
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इस मौके पर विधायक जसबीर सिंह भी श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक हुए। उन्होंने देश-विदेश की संगत को बंदी छोड़ दिवस और दिवाली की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज श्री दरबार साहिब में अलौकिक नजारा देखने को मिल रहा है। उन्होंने पंजाब की चढ़दी कला और आपसी भाईचारे की मजबूती के लिए अरदास की। इस दौरान उन्होंने गुरु घर में कीर्तन भी श्रवण किया।
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श्रद्धालु प्रदीप कौर ने बताया कि छठे पातशाह श्री गुरु हरिगोबिंद साहिब जी ग्वालियर के किले से 52 राजाओं को रिहा करवाकर अमृतसर पहुंचे थे। उनकी आमद की खुशी में संगत ने दीपमाला कर उत्सव मनाया था। इसी ऐतिहासिक घटना की याद में बंदी छोड़ दिवस मनाया जाता है।
श्रद्धालुओं ने कहा कि यह पर्व आपसी भाईचारे, धार्मिक एकता और मानवता का संदेश देता है। शाम को श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में भव्य दीपमाला और आतिशबाजी की गई। रोशनी से जगमगाते पवित्र परिसर और सरोवर में श्री दरबार साहिब का प्रतिबिंब देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।