ब्रिटिश कोलंबिया की राजनीति में पंजाबी समुदाय की भागीदारी अब केवल मतदान तक सीमित नहीं रही, बल्कि बड़ी संख्या में पंजाबी मूल के लोग सीधे चुनावी मैदान में उतर रहे हैं।
कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में पंजाबी समुदाय की राजनीतिक भागीदारी का इतिहास काफी प्रभावशाली रहा है और पिछले एक दशक में यह लगातार मजबूत हुई है। 2026 के विधानसभा चुनाव में 93 सीटों के लिए कुल 355 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें करीब 40 पंजाबी मूल के उम्मीदवार शामिल हैं।
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2013 में पहली बार जीते थे तीन पंजाबी उम्मीदवार
यह संख्या बताती है कि ब्रिटिश कोलंबिया की राजनीति में पंजाबी समुदाय की भागीदारी अब केवल मतदान तक सीमित नहीं रही, बल्कि बड़ी संख्या में पंजाबी मूल के लोग सीधे चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। पंजाबियों के राजनीतिक सफर का इतिहास देखें तो 2013 के चुनाव में ब्रिटिश कोलंबिया विधानसभा में तीन पंजाबी उम्मीदवार जीतकर पहुंचे थे। इसके बाद 2017 में पंजाबी उम्मीदवारों की संख्या और जीत दोनों में बढ़ोतरी हुई और 24 पंजाबी उम्मीदवारों में से 7 विधानसभा पहुंचने में सफल रहे।
साल 2024 में जीते 14 प्रत्याशी
2020 के चुनाव में पंजाबी प्रतिनिधित्व और बढ़ा तथा 8 पंजाबी मूल के उम्मीदवार विधायक चुने गए। इनमें लंबे समय से सक्रिय जग्रूप बराड़, राज चौहान और हैरी बैंस जैसे नेता प्रमुख रहे, जबकि नई पीढ़ी के कई पंजाबी चेहरे भी विधानसभा में पहुंचे। 2024 के चुनाव में यह संख्या बढ़कर 14 पंजाबी मूल के विधायकों तक पहुंच गई, जो अब तक के चुनावों में पंजाबी समुदाय का सबसे बड़ा विधानसभा प्रतिनिधित्व रहा।
जग्रूप बराड़ ने लगातार चुनावी सफलता का सिलसिला जारी रखा, जबकि राज चौहान, रवि काहलोन, निक्की शर्मा, रवि परमार, रचना सिंह और कई अन्य पंजाबी मूल के नेता भी विधानसभा पहुंचे। अब 2026 में तस्वीर और बड़ी हो गई है। इस बार करीब 40 पंजाबी उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें जग्रूप बराड़, राज चौहान, निक्की शर्मा, जिन्नी सिम्स, जस्सी सुन्नड़, हरविंदर संधू, सुनीता धीर, रवि परमार, अमन सिंह, धर्मेंद्र ‘धर’ ग्रेवाल, साहिब थिंद, सिकंदर कंग, रोहिणी अरोड़ा, बिन्नी बोपाराय, हरमन भंगू, मनदीप सिंह धालीवाल, ज्योति तूर, गैरी थिंद, हरज धालीवाल, पवनीत सिंह, जस्सी सहोता, गैरी पुरेवाल, दीप संधू और अन्य चेहरे शामिल हैं।
इस तरह पिछले चार चुनावों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2013 में तीन पंजाबी विधायक, 2017 में सात, 2020 में आठ और 2024 में 14 पंजाबी विधायक विधानसभा पहुंचे। अब 2026 में 40 पंजाबी उम्मीदवारों का मैदान में उतरना इस राजनीतिक भागीदारी के विस्तार को दिखाता है, हालांकि इस बार कितने उम्मीदवार जीतकर विधानसभा पहुंचेंगे, इसका फैसला चुनाव परिणाम आने के बाद ही होगा।
ब्रिटिश कोलंबिया के सरी, वैंकूवर, बर्नाबी, लैंगली और आसपास के इलाकों में पंजाबी समुदाय की बड़ी आबादी है और यहां से कई पंजाबी मूल के नेता लंबे समय से प्रांतीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं। पिछले चुनावों का यह सफर यह भी दिखाता है कि पंजाबी मूल के उम्मीदवारों की संख्या और विधानसभा में उनका प्रतिनिधित्व दोनों समय के साथ बढ़े हैं। अब 2026 का चुनाव इस पुराने राजनीतिक सफर में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है और निगाहें इस बात पर रहेंगी कि 40 पंजाबी उम्मीदवारों में से कितने इस बार विधानसभा तक पहुंचते हैं।