पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा मंजूर हो गया है।
कैप्टन ने गत 20 मई को इस्तीफा विधानसभा स्पीकर चरणजीत सिंह अटवाल को ओएसडी के जरिए भेजा था।
इस पर अटवाल ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से विधानसभा परिसर आने को कहा था। इसलिए सोमवार को कैप्टन निजी तौर पर स्पीकर अटवाल से विधानसभा परिसर स्थित उनके कार्यालय में मिले और उनका पटियाला विधानसभा क्षेत्र से इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया।
जानकारी के अनुसार इस संबंध में विधानसभा सचिवालय की ओर से चुनाव आयोग को सूचित कर दिया गया है।
कैप्टन ने अमृतसर लोकसभा सीट से सांसद चुने जाने की वजह से विधायक पद से त्याग पत्र दिया है। उनका इस्तीफा मंजूर होने के बाद अब पटियाला विधानसभा सीट खाली हो गई है।
इससे पहले जीत महिंदर सिंह सिद्धू के इस्तीफे की वजह से तलवंडी साबो विधानसभा सीट भी खाली पड़ी है।
वहीं, धूरी से कांग्रेसी विधायक अरविंद खन्ना भी अपना इस्तीफा स्पीकर को भेज चुके हैं, लेकिन उनका इस्तीफा अभी स्वीकार नहीं हुआ है।
ध्यान रहे कि जीत महिंदर सिद्धू ने इस्तीफा गत 7 मार्च को दिया था तथा स्पीकर चरणजीत सिंह अटवाल ने उसी दिन उसे स्वीकार करके सदन में इससे संबंधित जानकारी दे दी थी।
अरविंद खन्ना ने गत 14 मई को त्याग पत्र दिया तो कैप्टन ने लोकसभा चुनाव में जीत के बाद 20 मई को इस्तीफा दिया था।
नियमों के अनुसार किसी भी सीट के खाली होने के बाद 6 महीने के भीतर वहां चुनाव करवाना अनिवार्य होता है। अत: तलवंडी साबो सीट पर आगामी 6 सितंबर से पहले उप चुनाव होना है।
ऐसे में संभावना है कि इसके साथ ही धूरी और पटियाला सीटों पर भी आगामी अगस्त में उप चुनाव हो।
खन्ना को 30 मई को बुलाया
विधानसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार अरविंद खन्ना के इस्तीफे पर फैसला लेने के लिए 30 मई का दिन निर्धारित किया गया है। जानकारी के अनुसार कैप्टन की तरह ही अरविंद खन्ना को भी निजी तौर पर आने को कहा गया है। उन्हें 30 मई को दोपहर बाद 2.30 बजे आने का समय दिया गया है।