अमृतसर से भाजपा सांसद नवजोत सिंह सिद्धू को वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव से पहले केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कांग्रेस में शामिल करने की तैयारी की थी।
इसके लिए पूरा ताना-बाना बुन लिया गया था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से सिद्धू की मुलाकात भी करवा दी गई थी।
उन्हें कांग्रेस से टिकट मिलना भी तय था, लेकिन ऐन वक्त पर उन्होंने मना कर दिया। यह खुलासा जयराम रमेश ने यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान किया।
उन्होंने कहा कि सिद्धू उनके अच्छे दोस्त हैं। लंबे समय से उनका उनसे परिचय है। सारी बातचीत फाइनल हो जाने के बाद उन्होंने मना कर दिया।
उन्होंने ऐसा क्यों किया मुझे इस बात का एहसास नहीं है, लेकिन उसके बाद मैने कभी नहीं पूछा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया।
मैने उनसे उस समय यह बात कही थी कि आप कितने दिन तक इस पार्टी में रहेंगे, जहां आपको सम्मान नहीं मिलता है।
हालांकि कि वे रंगीन मिजाज वाले व्यक्ति हैं। वे लोकसभा में भी कम ही आते हैं और जब आते हैं तो उनका अंदाज ही अलग होता है।
मैंने उन्हें यह सलाह दी थी कि यदि लंबी राजनीति करनी है तो वे कांग्रेस में आ जाएं। यह पूछने पर कि क्या अब सिद्धू को कांग्रेस में शामिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं, रमेश ने कहा कि यह सिद्धू पर निर्भर करता है।