पंजाब की मुटियारों के साथ धोखे से शादी कर उनका सबकुछ लूट कर वापस विदेश चले जाने वाले दूल्हों पर कानूनी शिकंजा कस गया है।
पंजाब एनआरआई कमीशन ने पहली बार सख्त कदम उठाते हुए 25 ऐसे एनआरआई दूल्हों को भगोड़ा करार देने की प्रक्रिया पूरी की है, जिन्होंने पंजाबणों की रातों की नींद और दिन का चैन छीन लिया।
आयोग ने पंजाब सरकार को हिदायत दी है कि वह केंद्रीय प्रवासी मामलों के मंत्रालय से तालमेल कर इन एनआरआई दूल्हों के प्रर्त्यपण का रास्ता साफ करे ताकि उनके खिलाफ पंजाब की अदालतों में केस चलाया जाए।
विदेशी दूल्हों की चाह का खतरनाक ट्रेंड पंजाब की मुटियारों में बढ़ रहा है और उसी अनुपात में शादी टूटने की शिकायतें भी कमीशन के पास आ रही हैं। कमीशन के पास अब तक 90 से अधिक शिकायतें आई हैं जिन पर लगातार काम चल रहा है।
कमीशन के चेयरमैन जस्टिस (रिटा.) अरविंद कुमार बताते हैं कि मैरिज डिस्प्यूट के केसों में कई तरह के प्रयास किए गए। कुछ केस आपसी समझबूझ से निपट गए जबकि कुछ शिकायतों में बकायदा केस दर्ज किया गया।
चूंकि आरोपी विदेश में है लिहाजा कार्रवाई में दिक्कतें आई। उन्होंने बताया कि विभिन्न देशों में रहने वाले 25 ऐसे युवकों को अदालती कार्रवाई के जरिए भगोड़ा करार दिया गया है।
कमीशन ने पासपोर्ट एक्ट के तहत कार्रवाई कर इन 25 एनआरआई दूल्हों का पासपोर्ट रद करवाया। कमीशन ने पंजाब सरकार को अब हिदायत दी है कि इन आरोपियों को पंजाब लाकर उनके खिलाफ केस चलाने के लिए केंद्रीय प्रवासी मामलों के मंत्रालय से संपर्क साध कर उनका प्रत्यर्पण करवाया जाए।
कई केसों में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए भी बातचीत कर मसले को निपटाने की कोशिश की गई लेकिन विदेश में बैठा व्यक्ति न तो कमीशन की सुनता है और न ही सरकारी तंत्र को कुछ समझता है। ऐसे में यही एक तरीका था कि पहले उनका प्रत्यर्पण करवाया जाए और बाद में उनके खिलाफ के स चलाया जाए ताकि पंजाबी लड़कियों को इंसाफ मिल सके।