पंजाब के फिरोजपुर में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से सीमा के उस पार पाकिस्तान गलती से गया सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का जवान अभी तक नहीं लौटा है। चार दिन से जवान पाकिस्तान की हिरासत में है। 84 घंटे से भी ज्यादा समय बीत जाने के के बाद भी पाकिस्तानी रेंजर्स ने बीएसएफ के जवान पीके शाह को रिहा नहीं किया। शनिवार को दिन भी बीएसएफ के अधिकारी फ्लैग मीटिंग के लिए पाकिस्तानी रेंजर्स का इंतजार कर रहे थे लेकिन वे फ्लैग मीटिंग करने के लिए नहीं आए।
बुधवार शाम से पाकिस्तान रेंजर्स ने बीएसएफ जवान कांस्टेबल पीके शाह को हिरासत में रखा है। पीके शाह कोलकाता का रहने वाला है। सूत्रों ने बताया कि उक्त जवान की पत्नी रजनी शाह कोलकाता से अपने पति की रिहाई को लेकर पंजाब आ रही है। उक्त जवान को पाकिस्तानी रेंजर्स ने उस समय गिरफ्तार किया जब पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 पर्यटकों की हत्या कर दी है। इस समय दोनों देशों में तनाव की स्थिति बनी है।
बीएसएफ ने कई बार दिखाई दरिया दिल्ली
बीएसएफ ने कई बार दरिया दिल्ली दिखाई है कि जब कभी पाकिस्तानी नागरिक सीमा लांघ कर भारतीय इलाके में घुस आता था तो बीएसएफ उसे पकड़ने के बाद फ्लैग मीटिंग कर उसे पाकिस्तानी रेंजर्सों के हवाले कर देती थी। यह एक ऐसा मामला सामने आया है कि 48 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी पाकिस्तान ने बीएसएफ के जवान को फ्लैग मीटिंग करने के बाद भी रिहा नहीं किया है।
पाकिस्तान की तरफ से नहीं है फेंसिंग
आपको बता दें कि कई बार पाकिस्तानी गांव से बच्चे और लोग गलती से भारत की सीमा में घुस जाते हैं क्योंकि पाकिस्तान की तरफ कोई फेंसिंग नहीं लगी है सिर्फ एक सफेद पिल्लर है वह भी काफी दूरी पर लगे हैं। जबकि इंडिया की तरफ जो फेंसिंग की गई है उस तरफ भी भारत की काफी जमीन है। ऐसे में कई बार पाकिस्तानी ग्रामीण भारत के इलाके में आ जाते थे तो बीएसएफ उन्हें पाकिस्तानी रेंजर्सों को सौंप देती थी।
दो बार फ्लैग मीटिंग कर चुके बीएसएफ अधिकारी
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का जवान पीके सिंह मूल रूप से कोलकाता का रहने वाला है। वह बुधवार को गलती से बॉर्डर क्रास कर पाकिस्तान सीमा पर चला गया था। जवान को छुड़ाने के लिए बीएसएफ और पाकिस्तानी रेंजर्स अधिकारियों के बीच पहले बुधवार रात और फिर वीरवार दोपहर बाद लगभग साढ़े तीन बजे फ्लैग मीटिंग हुई थी। लेकिन दोनों मीटिंग के बाद भी पाकिस्तान ने बीएसएफ जवान पीके सिंह को वापस नहीं लौटाया।