आतंकवाद के दौरान सेना के आयुध डिपो में तैनात कर्मी का साजिशन अपहरण करके हत्या करने के दोष में पंजाब पुलिस के आठ कर्मचारियों को बठिंडा के एडिशनल सेशन जज एमएस पाहवा की अदालत ने सजा सुना दी।
मंगलवार को इस फैसले के तहत सभी दोषियों को साजिशन (120-बी), कत्ल (302) करने के दोष में उम्रकैद की सजा व दस हजार रुपये जुर्माने व लाश को खुर्दबुर्द करने (201) के तहत तीन साल की सजा व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
एक अभियुक्त इंस्पेक्टर को अपहरण (364) का भी दोषी पाते हुए सात साल की सजा व दस हजार रुपये जुर्माना सुनाया है।
इस केस में नामजद मुख्य आरोपी पूर्व डीएसपी गुरजीत सिंह छह साल से भगोड़ा है, जबकि दो आरोपी पुलिस कर्मियों की केस के दौरान मौत हो चुकी है।
इन पर 1992 में बठिंडा निवासी परमजीत सिंह का अपहरण करके हत्या करने के बाद लाश को खुर्दबुर्द करने के आरोप में थाना सदर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज किया गया था।