दो साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री की कोठी के घेराव करने के मामले में अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया सहित अन्य आरोपी जिला अदालत में चीफ ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट अमन इंदर सिंह की कोर्ट में पेश हुए। इस मामले में मजीठिया ने जमानत याचिका दायर की थी। अदालत ने उन्हें जमानत दे दी।
मामले में अगली सुनवाई 24 फरवरी को होगी। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने 2021 में मजीठिया व अन्य अकाली नेताओं के खिलाफ आईपीसी की धारा 188, 186, 353, 332 और 34 के तहत मामला दर्ज किया था। इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने 22 दिसंबर को इन आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया था। उस दौरान मजीठिया व अन्य आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। ऐसे में जिला अदालत ने इन्वेस्टिगेशन के लिए इन्हे नोटिस जारी किया था।
यह था मामला
पंजाब में महंगाई और 1984 दंगों के विरोध में अकाली दल के नेता और कार्यकर्ता पंजाब के मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहे थे। चंडीगढ़ पुलिस ने इन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन इन्होने बैरिकेड्स तोड़कर पुलिस के कार्य में बाधा पहुंचाई थी। इस दौरान चंडीगढ़ पुलिस ने इनके ऊपर लाठीचार्ज करके इन्हें हिरासत में लिया था लेकिन बाद में पुलिस ने इन्हें छोड़ दिया था।
इस मामले में यह हैं आरोपी
पुलिस ने सरकारी आदेश के उल्लंघन के मामले में बिक्रम सिंह मजीठिया के अलावा लुधियाना के पूर्व एमपी महेश इंद्र ग्रेवाल, रूपनगर के पूर्व एमएलए दलजीत सिंह चीमा, नाभा निवासी कुका सिंह, मुक्तसर साहिब के एमएलए कंवर सिंह रोजी, जालंधर के एमएलए पवन टिन्नू, पटियाला के पूर्व एमएलए सुरजीत राका, डेराबस्सी के एमएलए एनके शर्मा ,आनंदपुर साहिब के पूर्व एमएलए प्रेम सिंह चंदूमाजरा, फरीदकोट के यूथ अकाली दल के प्रधान बंटी रमना, अमृतसर निवासी रोहित शर्मा, परमजीत सिंह, पटियाला निवासी जतिंदर सिंह, अमृतसर निवासी बलविंदर सिंह, तरनतारन निवासी हरपाल सिंह, पटियाला निवासी सतनाम सिंह, हरजोवन सिंह, जोवन सिंह, सुखबीर सिंह, जोगिदंर सिंह, राजपुरा निवासी नवजोत सिंह, पटियाला निवासी नवदीप सिंह, मंदीप सिंह, संदीप सिंह और अन्य को आरोपी बनाया गया था।