राज्य सरकार की ओर से लोगों को घर के नजदीक व सस्ती सुविधाएं देने के लिए जिले में खोले गए 50 सेवा केंद्र सफेद हाथी साबित हो रहे हैं।
इन सेवा केंद्रों को चलाने के लिए न तो स्टाफ भर्ती किया गया है और न ही जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया। इससे जिले के सभी सेवा केंद्रों की ताले लटक रहे हैं।
इन सेवा केंद्रों के खोलने का उद्देश्य लोगों को सस्ती सुविधा मुहैया कराना था। इन सुविधाओं में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, किसानों को जमीनी रिकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड सहित 200 से ज्यादा सुविधाएं प्रदान करनी है।
लेकिन सेवा केंद्रों को चलाने के लिए न तो अभी तक स्टाफ की भर्ती की गई है और इनके लिए सामान ही खरीदा गया है। इससे सेवा केंद्रों की लाखों रुपयों से बनी इमारतें बेकार पड़ी हैं।
इस संबंध में एडीसी अमनदीप बंसल का कहना है कि सेवा केंद्रों की चलाने के लिए राज्य सरकार की ओर से अभी कोई हिदायत नहीं आई है। हिदायत आते ही स्टाफ व इनफ्रास्ट्रक्चर का प्रबंध कर सेवा केंद्र तुरंत चला दिए जाएंगे।