नगर निगम बठिंडा की ओर से लोगों की सुविधाओं के लिये बनाए गए नाममात्र के पब्लिक शौचालयों के रखरखाव के नाम पर किये जा रहे लाखों के घोटाले का खुलासा हुआ है। यह घोटाला आरटीआई एक्ट में मिली जानकारी से सामने आया है।
समाजसेवी संस्था नौजवान वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष सोनू माहेश्वरी ने नगर निगम बठिंडा से आरटीआई के तहत पब्लिक शौचालयों व उनके रख रखाव संबंधी जानकारी मांगी थी। इसमें नगर निगम बठिंडा ने बताया कि बठिंडा नगर निगम के अधीन 50 वार्डों में केवल 19 पब्लिक शौचालय बनाये गए हैं।
इनमें से चार बंद पड़े हैं एक चालू है। नगर निगम बठिंडा के अनुसार पोस्ट आफिस बाजार, सिरकी बाजार बिजली घर के पास, आवा बस्ती, अग्रवाल स्ट्रीट में पुरानी गैरेजों के पास, पावर हाऊस रोड़ ‘के प्वाइंट’ के पास, अमरीक सिंह रोड़ पर अन्नपूर्णा मंदिर के पास, दाना मंडी रोड़, रोजगार्डन चौंक के समीप बरनाला बाईपास रोड़ पर, फायर बिग्रेड के समीप, सुभाष मार्किट, गांधी मार्किट, मछली मार्किट, बस स्टैंड के सामने, अजीत रोड़, मॉडल टाऊन मार्किट, पटा मार्किट व गोल डिॅगी के पास पब्लिक शौचालय बनाये गए हैं।
नगर निगम ने बताया कि उक्त शौचालयोें में से पहले आठ शौचालयों को सुलभ कंपनी की ओर से चलाया जा रहा है। इनमें से पांच पब्लिक शौचालयों के रखरखाव के लिये चार लाख 22 हजार दिये जा चुके हैं। नगर निगम की ओर से जिन शौचालयों की रख रखाव के लिये उक्त राशि देने का दावा किया गया उनकी हालत खराब है। एकमात्र महिला शौचालय तो मेन गेट से ही ताला जड़ कर बंद किया हुआ है। सहायक कमिश्नर केके गोयल ने बताया कि मामला उनके ध्यान में नही है। वह सोमवार जांच करवाकर व्यवस्था दुरुस्त करवाएंगे।