दो सप्ताह से मांगों को लेकर स्थानीय गोल डिग्गी के पास स्थित पानी की टंकी पर चढ़ कर संघर्ष कर रहे 11 ईजीएस अध्यापक सोमवार को नौकरी संबंधी नियुक्ति पत्र जारी होने पर नीचे उतर गये। पानी की टंकी से नीचे उतरने पर उनके साथियों ने अध्यापकों का स्वागत किया।
नौकरी की मांग को लेकर दो सप्ताह पहले माल रोड पर पानी की टंकी पर 13 ईजीएस अध्यापक़ चढ़ गए थे। इस संघर्ष के दौरान एक अध्यापिका किरणजीत कौर की 14 माह की बेटी रूथ की ठंड लगने के चलते मौत हो गई थी। इसके बावजूद अध्यापकों ने रूथ के शव को जीटी रोड पर बस अड्डे के बाहर चौक पर रखकर अपना संघर्ष जारी रखा था।
इसकी वजह से सरकार ने उनकी मांगों को मानते हुए अध्यापकों को दो साल तक ठेके पर नौकरी देने का ऐलान कर दिया। इस पर अध्यापकों ने बस अड्डे के बाहर जीटी रोड पर स्थित चौक से तो जाम हटा दिया लेकिन पानी की टंकी पर चढे़ 11 अध्यापक नियुक्ति पत्र मिलने तक संघर्ष जारी रखे हुए थे। उनके नीचे उतरने पर उनके साथी अध्यापकों ने फूल मालाएं पहनाकर स्वागत किया।
डीईओ प्राइमरी अमरजीत कौर ने बताया कि 12 फरवरी को पंजाब सरकार की ओर से लेटर जारी हो गया था। इसके आधार पर अध्यापकों की काउंसिलिंग व सर्टिफिकेट जांच कर ऑफर लेटर जारी किए जा रहे है। अबतक तक 50 अध्यापकों की काउंसिलिंग हो चुकी है व कुछ अध्यापकों को आफर लेटर जारी किए जा चुके हैं। जल्दी ही सभी अध्यापकों को आफर लेटर जारी कर दिए जाएंगे।