नेशनल हाईवे पर तीन दिन से अध्यापिका की बेटी के शव को रखकर इंसाफ की मांग कर रहे ईजीएस/एआईटी अध्यापकों के संघर्ष में जहां आम आदमी जुड़ गया है वहीं दर्जनों संघर्षशील संगठनों ने आंदोलन की हिमायत करते हुए इंसाफ मिलने तक डटे रहने की आवाज बुलंद कर दी है।
वहीं बच्ची रूथ की तस्वीर के आगे श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ हर राहगीर अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक मदद कर रहा है। हाईवे को जाम किए हुए अध्यापकों के पास तीसरे दिन भी प्रशासन व राज्य सरकार कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा।
पीपीपी पार्टी के संस्थापक व पूर्व वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि पंजाब में ऐसे हालात पैदा हो गए हैं जो मुगलराज में थे। बादल परिवार वोट बैंक की राजनीति करने के अलावा और कुछ नहीं जानता।
झूठ का राज तो थोड़ी देर तक चल सकता है लेकिन जुल्म का राज ज्यादा देर तक नहीं चल सकता। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अध्यापकों को इंसाफ मिलने तक उनके साथ खड़ी रहेगी।
कांग्रेस ने इकतीस हजार की आर्थिक सहायता दी
कांग्रेस के प्रदेश सचिव व पूर्व विधायक हरमंदर सिंह जस्सी ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से मृतक बच्ची के परिवार को 31 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल व सांसद हरसिमरत कौर बादल को कोसते हुए उन्होंने कहा कि प्रतिदिन बठिंडा से गुजरने वाले सरकार के इन प्रतिनिधियों के पास क्या दो मिनट शोक व्यक्त करने के लिए नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका को अपने पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है। संघर्ष कर रहे अध्यापकों का समर्थन करते हुए जस्सी ने कहा कि जिले में जहां भी मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल आएंगे, कांग्रेस उसका घेराव करेगी।
यातायात प्रभावित, लेकिन लोगों को समर्थन
अध्यापकों के जाम के कारण शहर का यातायात बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके परेशान लोग जाम लगाने वालों का विरोध करने के बजाय नन्ही रूथ को श्रद्धासुमन अर्पित कर रहे हैं।