किसान-मजदूर मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रही आठ किसान और चार मजदूर जत्थेबंदियों की बैठक शाम 6 बजे समाप्त हुई। इसमें मांगें मानने तक संघर्ष जारी रखने और अकाली-भाजपा मंत्रियों, विधायकों, सांसद सदस्यों और संसदीय सचिवों का काली झंडियों से विरोध करने का फैसला लिया गया है।
बैठक में अकाली दल की सद्भावना रैलियों संबंधित लिए गए निर्णय के मुताबिक ही जत्थेबंदियां जिला स्तर पर प्रोग्राम बनाएंगी।
यहां नई लक्कड़ मंडी में किरती किसान यूनियन के दफ्तर में भारतीय किसान यूनियन एकता उगाहूं के प्रदेश महासचिव सुखदेव सिंह कोकरी कलां की अध्यक्षता में हुई बैठक में किसान-मजदूर जत्थेबंदियों के प्रदेश नेताओं ने बासमती का लाभकारी भाव, खराब फसलों का पूरा मुआवजा और मजदूरों को 64 करोड़ का मुआवजा बांटने आदि अन्य मांगें लागू करवाने के लिए विचार किया।
इस मौके पर किसान सुखदेव सिंह कोकरी ने बताया कि किसान मजदूरों की मांगें मानने तक संघर्ष जारी रखने के फैसले के अलावा अकाली -भाजपा मंत्रियों, विधायकों, सांसद सदस्यों और संसदीय सचिवों का काली झंडियों से विरोध करने का निर्णय लिया गया है।
इस मीटिंग में भारतीय किसान यूनियन एकता उगाहूं नेता झंडा सिंह जेठूका, हरदेव सिंह संधू (केकेयू) सुरजीत सिंह फूल (बीकेयू क्रांतिकारी) रुलदू सिंह मानसा (बीकेयू) और पंजाब खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश प्रधान जोरा सिंह नसराली, बूटा सिंह बुर्ज गिल (बीकेयू क्रांतिकारी) डेमोक्रेटिक किसान सभा नेता सतनाम सिंह अजनाला, किसान संघर्ष समिति कन्वीनर कंवलप्रीत सिंह पन्नू, किसान संघर्ष समिति के जनरल सचिव सरवन सिंह पंधेर, मजदूर मुक्ति मोर्चा नेता हरविंदर सिंह सेमा आदि किसान-मजदूर जत्थेबंदियों के प्रदेश और राष्ट्रीय नेताओं ने हिस्सा लिया।