किसानों को पहले सफेद मक्खी से बर्बाद कपास ने रुलाया और अब गेहूं की फसल के लिए सही मात्रा में ठंडक न मिलने से किसान चिंतित दिखाई दे रहे हैं। गेहूं की फसल के लिए 18 डिग्री से कम तापमान चाहिए।
आजकल 20 डिग्री से ज्यादा तापमान होने के चलते फसल को सही मात्रा ठंडक नहीं मिल रही। इस वजह से इस बार गेहूं की फसल का झाड़ कम होने के आसार बनते दिखाई दे रहे हैं।
इसके अलावा दिन में तेज धूप और सुबह कोहरा न पड़ना भी फसल के लिए नुकसानदेह है।
क्योंकि दिसंबर के बीच में ज्यादा कोहरा होने से गेहूं की फसल को सही मात्रा में ठंडक मिल जाती थी, लेकिन अब न तो गेहूं की फसल को कोहरे की ठंडक मिली है और न ही बारिश न होने से तापमान में गिरावट आई है।
प्रदेश में इस समय करीब 40 लाख हेक्टेयर रकबे में गेहूं की फसल बोई गई है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में मौसम में कोई तब्दीली नहीं हो सकती और न ही बारिश के आसार है।
कृषि विभाग के डायरेक्टर गुरदियाल सिंह का कहना है कि फसल को पर्याप्त मात्रा में तापमान के अनुसार ठंडक न मिलना इस बार नुकसानदेह हो सकता है।
उन्होंने कहा कि अगर आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट आ जाए और बारिश हो जाए तो गेहूं का सही मात्रा में झाड़ हो सकता है।
किसान नेता शिंगारा सिंह मान का कहना है कि मौजूदा तापमान के चलते गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचेगा। जिन किसानों ने दिसंबर में गेहूं की फसल को लगाया है उस पर बहुत ज्यादा असर पडे़गा।
उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने नवंबर में फसल को लगाया था, उसके बढ़ने में रुकावट आएगी। इस वजह से अब गेहूं की फसल का झाड़ कम हो सकता है जो किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय है।