क्राउन चिटफंड कंपनी की ठगी के शिकार लोग दर-दर ठोकरें खाने को मजबूर हैं। प्रदेश सरकार ने चाहे पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के दावे के साथ अपने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हों, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
ठगी का शिकार हुए जिले के गांव पूहली के रहने वाले जसविंदर सिंह, भूपिंदर सिंह, मनिंदर सिंह और गुरसेवक सिंह ने बताया कि उनकी बठिंडा के रहने वाले पीएस मिट्ठा और उसके भाई डॉ. रंजीत सिंह के साथ पुरानी जान पहचान थी।
एक दिन दोनों भाइयों ने उन्हें बोला कि वे क्राउन कंपनी चला रहे हैं। इसमें पैैसे निवेश करें और तीन साल में आपके रुपये दोगुने हो जाएंगे।
पीड़ितों ने बताया कि उन्होंने दोनों भाइयों के झांसे में आकर अपनी जमीनें बेचकर 50 लाख रुपये से अधिक की राशि उनकी कंपनी में लगा दी।
इसका वे कुछ माह तो ब्याज देते रहे, लेकिन उसके बाद उक्त भाइयों ने ब्याज देने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस के पास दोनों भाइयों समेत रविंदर सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई।
पुलिस ने 10 सितंबर को कंपनी के एमडी जगजीत सिंह, पीएस मिट्ठा, डॉ. रणजीत सिंह के खिलाफ थाना कैंट में मामला दर्ज कर लिया, लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया।
मामले के जांच अधिकारी एएसआई जसपाल सिंह का कहना है कि कंपनी के एमडी जगजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी रविंदर सिंह वालिया जमानत ले चुका है। इसके अलावा पीएस मिट्ठा और डॉ. रणजीत सिंह ने गिरफ्तारी पर स्टे ले रखा है।
इस मामले में नामजद डॉ. रणजीत सिंह अपनी जमानत के लिए हाईकोर्ट चंडीगढ़ पहुंचा। इसकी मंगलवार को तारीख थी। वहां पर हाईकोर्ट ने इस मामले संबंधी 17 दिसंबर 2015 की तिथि सुनवाई के लिए निश्चित कर दी है ।